स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार कोरोना की पहली लहर में 0 से 9 आयु वर्ग में 2.1 प्रतिशत बच्चे संक्रमित पाए गए। जबकि 10 से 19 आयु वर्ग में 8.4 बच्चे संक्रमित हुए। वहीं, दूसरी लहर में 0 से 9 आयु वर्ग में 1.7 प्रतिशत और 10 से 19 आयु वर्ग में 7.6 प्रतिशत बच्चे ही संक्रमित मिले हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड नियमों का पालन जरूरी : प्रोफेसर रविकांत
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के मुताबिक अगर अभिभावक और शिक्षक दोनों का वैक्सीनेशन हुआ है तो स्कूली बच्चों के संक्रमित होने की संभावना कम हो जाती है। हालांकि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है।
इन नियमों का रखे ध्यान
- बच्चों को मास्क पहनाएं, स्वयं भी मास्क पहनें
- स्कूल परिसर और बस का समय-समय पर सैनिटाइजेशन होना चाहिए
- वैक्सीनेशन कराने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को ही स्कूल में आने की अनुमति दी जाए
- कक्षा के दौरान बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंस बना कर रखा जाए
मनोवैज्ञानिक मेजर डा. नंदकिशोर ने बताया कि बदली हुई परिस्थितियों में सरकार ने जो भी फैसला लिया, उसे स्वीकार किया जाना चाहिए। कुछ बच्चों को यह लग सकता है कि अगर परीक्षा होती तो शायद ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे। यह पढ़ने वाले बच्चों की सोच है। वहीं, जो पढ़ने में कमजोर हैं, उनके लिए यह मौका है।
बच्चों को अपने भीतर संतुष्टि का भाव लाना होगा। तभी वो रिजल्ट के तनाव से मुक्त रह सकते हैं। बच्चों को समझना चाहिए कि उनके लिए बेहतर फैसला लिया गया है। खुद को सकारात्मक बनाए रखें। जिस चीज में आप बदलाव नहीं कर सकते, उनको स्वीकार करें। अंक सब कुछ निर्धारित नहीं कर सकते। सामाजिक दायरा बढ़ाएं और तनाव मुक्त रहने का प्रयास करें।
फाइव सी (पांच सी) से तनाव से निपटें:
केयर (ध्यान) - अपनी और अपने परिजनों की केयर करें। खाना हमेशा ताजा और हल्का करें। नींद पूरी लें। तनाव मुक्त रहने के लिए संगीत, टहलना, व्यायाम, योग या अपनी पसंद के काम करें। नशे से पूरी तरह दूर रहें। मोबाइल पर बहुत ज्यादा समय न बिताएं।
कंटिन्यूटी (निरंतरता) - घर में रहते हुए परिजनों से अपने मन की बात करें। दोस्तों के साथ समय गुजारें और खुश रहने का प्रयास करें। संपर्क बनाए रखें।
कंपेशन (सकारात्मक सोच )- अपने घर, परिवार, रिश्तेदार, परिचितों के लिए अच्छा सोचें। भावनात्मक रूप से मजबूत और संवेदनशील बनें।
क्रिएटिविटी (रचनात्मकता)- तनाव मुक्त रहने के लिए बागवानी, साइकिलिंग करें।
कंट्रोल (नियंत्रण)- तनाव के साथ कोरोना से बचाव के लिए कंट्रोल जरूर करें। अपने खान-पान, बाहर निकलने, घूमने के दौरान कंट्रोल बनाएं रखें। रिजल्ट को लेकर खुद पर नियंत्रण बनाए रखें। गहरी और लंबी सांसें लें, जो आपको सामान्य रखने में मदद करते हैं।