ऑनलाइन पढ़ाई के पक्ष में बोलते हुए दून के अभिभावकों ने कहा कि अभी बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। बिना वैक्सीनेशन के बच्चों को स्कूल भेजना उनकी जिंदगी से खिलवाड़ करने जैसा होगा। ऐसे में पहले सरकार को बच्चों के लिए टीके की व्यवस्था करनी होगी। तब तक ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर सरकार को ध्यान देना होगा।
शिक्षकों को रखना होगा पढ़ाई का रिकॉर्ड
ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को पढ़ाई का रिकॉर्ड रखना होगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून आशा रानी पैन्यूली ने कहा कि शिक्षकों के रिकॉर्ड रखने से अंदाजा लगाया जा सकेगा कि शिक्षकों की ओर से कितना प्रतिशत पाठ्यक्रम पढ़ाया गया है। इस संबंध में जिले के सभी शिक्षकों को सूचित किया जा चुका है।
बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है। इसकेे बावजूद अभी बच्चों को स्कूल भेजना सुरक्षित नहीं है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बना घर पर रहकर ही बच्चों को पढ़ाया जा सकता है। कोरोना की तीसरे लहर से बचने के लिए सरकार को महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे।
-दिपांजली चक्रवर्ती, किशनपुर निवासी
बच्चों को कोरोना का टीका लगाए बिना स्कूल भेजना बिल्कुल उचित नहीं है। इसलिए सरकार को पहले बच्चों के वैक्सीनेशन की व्यवस्था करानी चाहिए। इसके बाद ही स्कूल खोले जाएं। जिससे बच्चों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जा सके। बिना वैक्सीनेशन के स्कूल भेजना बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करना होगा।
-रस्मीता, कैनाल रोड निवासी