उत्तराखंड के 1208 स्कूलों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के औचक निरीक्षण में तमाम अव्यवस्थाएं सामने आईं।
लेकिन, दूरस्थ अंचलों में ही नहीं राजधानी देहरादून में शिक्षा निदेशालय के पड़ोस में ही स्कूल बदहाल हैं। अमर उजाला ने शनिवार को विभाग के उच्च अधिकारियों के इस दफ्तर के पास स्थित स्कूलों का जायजा लिया तो साफ हुआ कि यहां भी शिक्षक विभिन्न वजहों से नहीं आ रहे।
जबकि छात्रों की अनुपस्थिति का आंकड़ा भी चौंकाने वाला है। यही नहीं, स्कूलों के भवनों की हालत भी इतनी जर्जर है कि बरसात के दिनों में यहां पढ़ने वाले छात्रों पर खतरा बना रहता है।
शिक्षक गायब, छात्र के हाथ में डंडा
दोपहर 12:30 बजे प्राथमिक विद्यालय ननूरखेड़ा में पांचवीं कक्षा का एक छात्र हाथ में डंडा लिए नजर आया। वह जमीन पर बैठे बाकी छात्रों को शोर न मचाने और चुपचाप किताब पढ़ते रहने की हिदायत दे रहा था।
उससे शिक्षिकाओं के बारे में पूछना शुरू ही किया कि प्रधानाध्यापिका बीना और सहायक अध्यापिका विनीता रावत पहुंच गईं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि स्कूल में 175 छात्र हैं, लेकिन शनिवार को 72 अनुपस्थित रहे।
पता चला कि स्कूल में चार शिक्षिकाएं हैं, जिनमें से एक गंभीर बीमारी के कारण प्रावि पंडितवाड़ी में अटैच हैं। दूसरी शिक्षिका मेडिकल अवकाश पर बताई गई। अमर उजाला ने कक्षाओं की स्थिति का जायजा लिया तो सभी की दीवारों पर सीलन मिली।
स्कूल बन जाता है तालाब
दोपहर 12:55 बजे राजकीय इंटर कॉलेज नालापानी में अवकाश हो चुका था। बच्चे घर जाने की तैयारी में थे। बाहर से देखने पर स्कूल का भवन खंडहरनुमा नजर आया। पास ही बहने वाली बरसाती नदी से स्कूल की बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
प्रिंसिपल डॉ. केके रतूड़ी से मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि स्कूल में कुल 335 में 281 छात्र ही शनिवार को आए थे। बताया कि स्कूल का भवन ढहने के कगार पर है।
कक्षाओं का हाल दिखाते हुए डॉ. रतूड़ी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व बरसात में नाले का पानी स्कूल में भर गया। कमरों में घुटनों तक पानी भर गया था। प्रिंसिपल ने बताया कि सहायक अध्यापिका सरिता बडोनी एक दिन के अवकाश पर हैं, जबकि एक अन्य शिक्षक सस्पेंड चल रहे हैं।
स्कूलों की जर्जर स्थिति पर संबंधित विद्यालयों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे। छात्रों की अनुपस्थिति चिंताजनक है। अब सप्ताह में दो बार स्कूलों का औचक निरीक्षण होगा। बच्चों की संख्या में कोई फर्जीवाड़ा मिला तो संबंधित बीईओ, नगर शिक्षा अधिकारी और उप खंड शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी।
- एसपी खाली, सीईओ, देहरादून