छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी चमोली जिले के प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी टीआर मलेठा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उनके पैतृक घर हरिशंकर में दबिश दी। लेकिन वे घर पर नहीं मिले। वर्ष 2015-16 में हरिद्वार में मलेठा के सहायक समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए यह घोटाला हुआ था। इसमें वह मुख्य आरोपी भी हैं।
पोखरी थानाध्यक्ष मनोहर भंडारी ने बताया कि टीकाराम मलेठा पर आरोप है कि वर्ष 2015-16 में हरिद्वार में सहायक समाज कल्याण अधिकारी के पद पर रहते हुए उन्होंने सरस्वती प्रोफेशनल डिग्री कालेज जगजीतपुर के 91 कथित छात्रों का फर्जी सत्यापन किया। इस वजह से कॉलेज में 41 लाख 42 हजार 600 रुपये की छात्रवृत्ति का घोटाला सामने आया था। पिछले वर्ष कनखल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना कर रहे निरीक्षक सुंदरम शर्मा ने टीकाराम मलेठा को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।
इसके बाद उनके निजी आवास खन्ना नगर, ज्वालापुर, हरिद्वार में नोटिस चस्पा कर दिया गया। विवेचना अधिकारी सोमवार को पुलिस फोर्स के साथ उनके पैतृक घर हरिशंकर गांव पहुंचे। लेकिन वे वहां से भी फरार मिले। टीकाराम मलेठा के घर पर नोटिस चिपका दिया गया है कि वे अगर नोटिस की समयावधि में एसआईटी या पुलिस के समक्ष पूछताछ के लिए प्रस्तुत नहीं होते तो उनके घर की कुर्की का नोटिस निकाला जाएगा।