ईडी सूत्रों के मुताबिक वली ग्रामोद्योग विकास संस्थान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, सचिव संजय बंसल, कोषाध्यक्ष नरुद्दीन गाजी, तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर, गीताराम नौटियाल, सहायक समाज कल्याण अधिकारी सोमप्रकाश, मुनेश कुमार और विनोद कुमार नैथानी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डि्रंग एक्ट-2002 (पीएमएलए) के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। इस चार्जशीट पर आगामी 30 अगस्त को कोर्ट संज्ञान लेगा।
एसआईटी की जांच में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला
वर्ष 2017 में छात्रवृत्ति घोटाला सामने आने के बाद से इसमें शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों ने खुद को बचाने की खूब कोशिशें की। लेकिन, एसआईटी गठित होने और हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद इसकी परतें खुलती चली गईं। जांच में पता चला कि जो एससी-एसटी के छात्र कभी शिक्षण संस्थान पहुंचे ही नहीं उनके नाम पर करोड़ों की छात्रवृत्ति की बंदरबांट कर ली गई। इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड समेत कई राज्यों के शिक्षण संस्थान शामिल थे। एसआईटी की जांच में यह घोटाला करीब 100 करोड़ रुपये का पाया गया।