एएसपी प्रदीप राय ने बताया कि मामले में संस्थान के डायरेक्टर अनिल परिहार निवासी सत्तीचौड़ कोटद्वार और बिचौलिया बृजपाल सिंह निवासी ग्राम टांडा हसनगढ़ थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। बिचौलिया बृजपाल सिंह तब संस्थान में ही अध्ययनरत था।
एसआईटी ने जांच के दौरान वर्ष 2004-12 तक संचालित सीवी रमन इंस्टीट्यूट टेक्नोलॉजी, पदमपुर सुखरो में अध्ययनरत 38 छात्रों में से 32 छात्रों का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान कुछ छात्रों के खाते गलत पाए गए। अमूमन बैंक खाते में खाताधारक का खाता नंबर 12 से 16 अंकों का होता है, जबकि संस्था के दस्तावेजों में दर्ज खाता नंबर में महज 4 से पांच अंक ही पाए गए।
जांच में कुछ छात्रों के खाते दूसरे नाम से पाए गए। दस्तावेजों में कुछ छात्रों का समाज कल्याण विभाग से प्राप्त सूची में पता एवं खाता संख्या अंकित ही नहीं किया गया था। जांच में कुल 32 छात्रों को आवंटित छात्रवृत्ति में अनियमितता पाई गई। मात्र दो छात्रों को ही छात्रवृत्ति के रूप में केवल 12-12 हजार प्राप्त हुए, जबकि सात छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई। नियमानुसार प्रति छात्र 32 हजार 500 की छात्रवृत्ति दी जानी थी।