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Uttarakhand Samvad 2023: रक्षा मंत्री से लेकर कैलाश खेर, खेल-कला और राजनीतिक हस्तियों से सजा 'संवाद' का मंच

Mon, 19 Jun 2023 09:18 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून

सार

उत्तराखंड संवाद 2023 कार्यक्रम में भविष्य की योजनाओं और मौजूदा चुनौतियों पर खेल-कला, अध्यात्म, उद्योग जगत के अलावा देश की कई नामी हस्तियों से विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने समाधान के साथ चुनौतियों पर भी विचार रखे। साथ ही अन्य पहलुओं पर प्रकाश डाला। 
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Uttarakhand Samvad 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला उत्तराखंड संवाद 2023 कार्यक्रम में प्रदेश के विकास और भविष्य की योजनाओं और मौजूदा चुनौतियों पर देश की नामी हस्तियों से विस्तार से चर्चा हुई। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की घटनाओं के संदर्भ में इस्तेमाल हो रहे 'लव जिहाद', 'जमीन जिहाद' जैसे शब्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप और पाकिस्तान के खिलाड़ियों से जुड़े मजेदार किस्से सुनाए। केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश की अहमियत और विकास को लेकर हो रहे कार्यों के बारे में बताया। पद्मश्री कैलाश खेर, अभिनेत्री श्रिया सरन और मीनाक्षी दीक्षित ने सिनेमा, कला और संस्कृति के विषय पर अपनी बात रखी।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 'भारत का स्वर्णिम भविष्य' विषय पर अपनी बात रखी। इस्कॉन जीबीसी और गोवर्धन इकोविलेज के निदेशक गौरांग दास ने जीवन मंत्र दिया। यूजीसी के चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने उत्तराखंड सरकार को प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के उन्नयन के लिए बड़ी नसीहत दी है। वहीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने उत्तराखंड के विकास का रोडमैप बताया। भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल ने टोक्यो ओलंपिक से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। भारतीय डबल ट्रैप शूटर रोंजन सोढ़ी ने 2012 लंदन ओलंपिक से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। ब्रिटानिया के CEO राजनीत कोहली ने कहा कि देहरादून बेकरी की नगरी है, साथ में इंटर कांटिनेंटल होटल्स ग्रुप के साउथ वेस्ट एशिया के एमडी सुदीप जैन भी मौजूद रहे। वहीं स्टार्ट-अप और इंडस्ट्री के क्षेत्र में बात करने के लिए पैनल डिस्कशन में प्रेमचंद अग्रवाल, वैभव वर्धन, एके त्यागी और संदीप अग्रवाल शामिल हुए। रक्षा मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योगदान के लिए प्रदेश की आठ हस्तियों को सम्मानित किया। अंतिम सत्र में आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद का महत्व और प्रदेश के विकास में पतंजलि के योगदान के बारे में बताया।

लव जिहाद जैसी घटनाओं पर बोले सीएम धामी

Uttarakhand Samvad 2023 - फोटो : अमर उजाला
उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार निधि कुलपति के साथ बातचीत के दौरान राज्य की घटनाओं के संदर्भ में इस्तेमाल हो रहे 'लव जिहाद', 'जमीन जिहाद' जैसे शब्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने पर्यटकों के दबाव को देखते हुए बुनियादी ढांचे की विकास योजनाओं का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नाम बदलकर छल करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बनाए रखना सरकार की प्रतिबद्धता है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विकास और चुनौतियों के साथ मौजूदा समय में चल रहे ज्वलंत मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए।

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'भारत का स्वर्णिम भविष्य' विषय पर रक्षामंत्री ने रखी बात

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को 'अमर उजाला संवाद' कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने 'भारत का स्वर्णिम भविष्य' विषय पर अपनी बात रखी। करीब 45 मिनट तक रक्षामंत्री ने आजादी से लेकर अब तक के देश की यात्रा के बारे में बताया। एक बेहद ही रोचक कहानी बताई। जिसके किरदार का नाम 'रामभरोसे' था। रक्षामंत्री ने कहा कि अब देश को रामभरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है। अब देश की प्रगति हमें पुरुषार्थ से खुद करनी होगी। 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना है। उन्होंने मॉर्गन स्टेनली का जिक्र करते हुए कहा कि मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2027 तक भारत शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में होगा।

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वीरेंद्र सहवाग - फोटो : अमर उजाला
वीरेंद्र सहवाग ने 'संवाद' में बताई टेस्ट चैंपियनशिप में हार की वजह
अमर उजाला संवाद 2023 के मन की जीत सत्र में वीरेंद्र सहवाग ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारतीय टीम की हार की वजह बताई। उन्होंने कहा कि हमारे बल्लेबाजों ने उतने रन नहीं बनाए। अश्विन का नहीं खेलना भी इसकी बड़ी वजह रही। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि 2011 विश्व कप जीतने के लिए भारतीय टीम ने कैसी तैयारी की थी और उससे मौजूदा टीम इंडिया क्या सीख ले सकती है। सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से जुड़े कुछ मजेदार किस्से भी सुनाए। वहीं, युवा खिलाड़ियों को लेकर उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। आपको मेहनत करनी पड़ेगी, तभी आप सफल होंगे। वहीं, वीरेंद्र सहवाग ने भारतीय टीम में बदलाव पर भी बयान दिया।

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Amar Ujala Samvad - फोटो : अमर उजाला
योग और अध्यात्म हमारे जीवन का अभिन्न अंग: गुरु गौरांग दास
कार्यक्रम में इस्कॉन जीबीसी और गोवर्धन इकोविलेज के निदेशक गौरांग दास आज सोशल मीडिया के जमाने में समस्या यह आ गई है कि लोग यह नहीं देखते कि उनके पास क्या है, लोग देखते हैं कि दूसरों के पास क्या है। कम्पेयरिंग, कम्प्लेनिंग एंड क्रिटिसाइजिंग। यानी तुलना, शिकायत और आलोचना। ये तीन तरह के कैंसर हैं। इससे बचने की जरूरत है। योग और अध्यात्म हम सभी के जीवन में महत्वपूर्ण क्यों हैं। आप सभी जानते हैं कि भारत में लगभग 70 हजार अस्पताल हैं, लेकिन 20 लाख मंदिर हैं। कोविड काल में कई कारोबार बंद हुए, एक भी मंदिर बंद नहीं हुआ। यहां तक कि कोविड के दौर के बाद मंदिरों में भीड़ तीन से पांच गुना बढ़ गई। प्रश्न उठता है कि भारत इतना आध्यात्मिक देश है, कई पीढ़ियों से भारत को इस क्षेत्र में विश्व गुरु माना गया है, लेकिन युवा पीढ़ी को हम कैसे आश्वस्त कराएं कि योग और अध्यात्म हमारे जीवन का अभिन्न अंग है।

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केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट - फोटो : अमर उजाला
2024 में 400+ सीटें जीतेगी भाजपा: अजय भट्ट
केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में कहा कि 2024 में भाजपा 400 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। देश की जनता पीएम मोदी को पसंद करती है। लोगों को मालूम है कि देश का विकास अगर कोई कर सकता है तो वह पीएम नरेंद्र मोदी हैं। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर अमेरिका से दोस्ती और भारत की आत्मनिर्भरता के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखी। भट्ट ने उत्तराखंड के विकास और प्राकृतिक नुकसान को लेकर भी सरकार की रणनीति के बारे में बताया।

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अमर उजाला संवाद में मौजूद ब्रिटानिया सीईओ व अन्य। - फोटो : amarujala.com
देश और प्रदेश के विकास के लिए थ्रीडी में निवेश जरूरी: रजनीत कोहली
ब्रिटानिया के सीईओ रजनीत कोहली सोमवार को अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। उत्तराखंड में उद्योगों के विकास पर बोलते हुए ब्रिटानिया सीईओ ने कहा कि अगले 25 साल के लिए विटामिन थ्रीडी जरूरी है। यह 3D है- डेटा, डिजिटलाइजेशन और डेवलपमेंट। देश और प्रदेश के विकास के लिए थ्रीडी में निवेश जरूरी है। हमें विटामिन 3D- डाटा, डिजिटाइजेशन और डेवलपमेंट पर फोकस करना होगा। हमें इन 3D पर कॉरपोरेट ही नहीं नीतिगत स्तरों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। ब्रिटानिया के सीईओ ने कहा कि पॉलिसी निर्माण के लेवल पर शानदार काम हो रहा है। हमारी पॉलिसीज प्रोग्रेसिव हैं। आने वाले समय में 25 से ज्यादा क्षेत्रों में भारत लीड करेगा। कोहली ने कहा कि हमारी आबादी युवा है, हमारे यहां हर कोई आगे बढ़ने की बात कर रहा है। ऐसे में हम निश्चितरूप से अमृतकाल की ओर बढ़ रहे हैं।

अनुप्रिया पटेल। - फोटो : Amar Ujala
केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से विकास का रथ तेजी से चला: अनुप्रिया पटेल
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि राज्य के गठन के बाद से उत्तराखंड ने हर क्षेत्र में तेजी से विकास किया है। केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से विकास का ये रथ और भी तेज हो चला है। अनुप्रिया ने इस दौरान उत्तराखंड के विकास के रोडमैप के बारे में भी बताया। ये भी जानकारी दी कि कैसे केंद्र सरकार इसके लिए मदद कर रही है। उत्तराखंड ऐसा राज्य है, जो अपने गठन के बाद से बहुत तेजी से इंडस्ट्रलाइजेशन की तरफ बढ़ा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कोशिश कर रहे हैं कि यहां इंडस्ट्री विकसित हों। 2003 से अब तक साढ़े तीन सौ करोड़ इस राज्य को मिल चुके हैं। पिछले नौ साल में 187 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 2017 में इंडस्ट्रीयल प्रमोशन स्कीम लेकर आए हैं, जिसके जरिए यहां के इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की कोशिश की। नए लोग भी जो इंडस्ट्री सेट करने के लिए आ रहे हैं, उन्हें सरकार की तरफ से 10 लाख रुपये प्रति एकड़ का इनसेंटिव दिया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है।

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Amar Ujala Samvad - फोटो : अमर उजाला
12 ज्योतिर्लिंगों की हवाई यात्रा कर सकेंगे: सतपाल महाराज 
उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से अहम कई स्थानों के सुरक्षित नहीं होने की बात की जाती थी। लेकिन अब उनके प्रति धारणा बदली है। अब उत्तराखंड में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। क्योंकि अब उन्हें सुविधाएं मिल रही हैं। पैनल डिस्कशन में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि शहरों की धारण क्षमता पर सरकार विचार कर रही हैं। वहीं, उन्होंने कहा कि हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाया जाएगा। भविष्य में केदारनाथ के साथ-साथ श्रद्धालु 12 ज्योतिर्लिंगों की हवाई यात्रा कर सकेंगे।

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ओलंपिक में हार का जीवन भर रहेगा मलाल: शूटर रोंजन सोढ़ी

महिला हॉकी खिलाड़ी पद्मश्री रानी रामपाल और डबल ट्रेप निशानेबाज रोंजन सोढ़ी - फोटो : अमर उजाला
लगातार दो विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाले निशानेबाज रोंजन सोढ़ी को ओलंपिक में मिली हार का आज भी मलाल है। इस पर बात करते हुए रोंजन ने कहा, मुकाबले से ठीक पहले खेल मंत्री ने मुझे तीन बार बुलाया था। इसके बाद मीडिया समेत अन्य लोगों के सवालों से मैं प्रेशर से आ गया और निशाने से चूक गया। जिसका मलाल जीवन भर रहेगा। साथ ही कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए हार को कभी भी दिल पर और जीत को कभी भी दिमाग पर नहीं लगने देना चाहिए। चुनौतियां सभी क्षेत्र में हैं, लेकिन सफल होने के लिए हमें अपने काम में जुनूनी होना होता है।

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यूजीसी के चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने उत्तराखंड सरकार को दी बड़ी नसीहत

UGC Chief in Amar Ujala Samvad - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने उत्तराखंड सरकार को बड़ी नसीहत दी है। प्रोफेसर कुमार ने कहा कि यह सब जानते हैं कि उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा व्यवस्था अच्छी है, खासकर बोर्डिंग स्कूल लेकिन उच्च शिक्षा में पिछड़ा हुआ माना जाता है। उन्होंने कहा, आजादी के अमृतकाल के दौर में नई शिक्षा नीति को लागू करने का काम चल रहा है। यह सही समय है राज्य में नए और श्रेष्ठ विश्वविद्यालय खोले जा सकते हैं। विशेष स्वायत्त संस्थान भी खोले जा सकते हैं। 

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मैंने बहुत साल संघर्ष किया: अभिनेत्री मीनाक्षी दीक्षित

मीनाक्षी दीक्षित - फोटो : अमर उजाला
अभिनेत्री मीनाक्षी दीक्षित ने कहा मैं प्यारे से शहर रायबरेली से हूं। दुनिया कहां से कहां पहुंच गई। मुझे अभी भी लगता है कि छोटे शहरों को ही हम गहराई से जानते हैं। छोटे शहरों में सड़कें और वहां की सोच नहीं बदली है। अभी भी बच्चों को लोग डॉक्टर या इंजीनियर ही बनाना चाहते हैं। मैंने बहुत साल संघर्ष किया। मेरे अच्छे नंबर आते थे। मुझे भी अलग करना था। कथक सीखना था। मुझे लंबा समय लगा। लंबी लड़ाई लड़ी। माता-पिता को समझाना पड़ा। समाज एक्सेप्ट नहीं करता। मुझे लगता है कि आने वाले समय में यह चीज सुधरे। 

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देहरादून मेरे लिए महत्वपूर्ण है: अभिनेत्री श्रिया सरन

श्रिया सरन - फोटो : अमर उजाला
अभिनेत्री श्रिया सरन बोलीं, देहरादून मेरे लिए महत्वपूर्ण है। मेरे पिता देहरादून से हैं। मेरे दादाजी यहां डीएवी कॉलेज में प्रोफेसर थे। मैं 16 साल तक हरिद्वार में ही थी। मेरे लिए यहां आना भावुकता भरा पल है। कई सारी यादें हैं। मेरे लिए यह घर वापसी है। हर गली में एक कहानी छुपी है। जाहिर है कि जो इंसान जिस दुनिया से गुजरा है, उसे ज्यादा समझता है। मैं कथक नृत्यांगना हूं। मुझे लगता है कि युवा शास्त्रीय नृत्य देखें, उसे बढ़ावा दें। मैं चाहूंगी कि शास्त्रीय नृत्व को बढ़ावा मिले। इसके लिए हमें परफॉर्मेंस को मौका देना होगा। मैं दिल्ली में पढ़ती थी तो ब्लाइंड स्कूल में काम करती थी। स्पा भी शुरू किया था, जहां दृष्टि बाधित लोग काम करते थे। सरकारें बहुत कर रही है, लेकिन हमें भी थोड़ा और ध्यान देने की जरूरत है। हम कहीं न कहीं खुद ही अपना काम करना भूल जाते हैं। हमें और संवदेनशील होने की जरूरत है। कैलाश जी का गाना 'एक परिंदा' मैंने संघर्ष के दिनों में बहुत सुना है। 

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सभी के जीवन का कोई तो उद्देश्य होता है: गायक कैलाश खेर

कैलाश खेर - फोटो : amar ujala
गायक कैलाश खेर ने कहा कि सभी के जीवन का कोई तो उद्देश्य होता है, कोई एक चाल होती है, उसकी एक पगडंडी होती है। सुविधाएं सबके पास नहीं होते, लेकिन सुविधाएं पाने का सबका सपना होता है। अमर उजाला के साथ भावनात्मक रिश्ता रहा है। हमारी जड़ें एक ही खंड से है, मेरठ। जन्म भले ही दिल्ली का हो, लेकिन जड़ें मेरठ की हैं। बाल्य अवस्था में हम वहीं थे। मेरठ जब आए, तब शहर नहीं देखा था। मेरठ का नाम सुनकर पगला जाते हैं। न्यूयॉर्क में पासपोर्ट रिन्यू हुआ तो उस पर छपा था, 'मेरुत (मेरठ) उत्तर प्रदेश'। लोग बोले- वाह। हमने कहा- यही तो तरक्की है। मेरठ के लोग कहां-कहां जाकर पासपोर्ट रिन्यू करा लेते हैं। जिंदगी सबको मिलती है, जुनून किसी-किसी को महादेव देते हैं। सब जिंदगी जीते हैं, हम जुनून जीते हैं। बाल्य अवस्था से ही फल लगा, जैसे बीज बोया।

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उत्तराखंड में सात हजार से ज्यादा पेड़-पौधे और औषधीय वनस्पतियां: आचार्य बालकृष्ण

Uttarakhand Samvad 2023 - फोटो : अमर उजाला

अमर उजाला उत्तराखंड संवाद 2023 कार्यक्रम के अंतिम सत्र को पतंजलि योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण ने संबोधित किया। उन्होंने आयुर्वेद और योग से जुड़ाव की अपनी यात्रा को साझा करते हुए कहा कि मेरी मां जटी-बूटी की जानकार रहीं। बचपन में मुझे कोई परेशानी होती तो माता जी ही मुझे कड़वी जड़ी-बूटी दिया करती थी और मैं ठीक हो जाया करता था, वहीं से मेरे अंदर भी आयुर्वेद को लेकर रुचि जागी। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आयुर्वेद पर विश्वास करना जरूरी है। उत्तराखंड में सात हजार से ज्यादा पेड़-पौधे और औषधीय वनस्पतियां हैं। उत्तराखंड में आयुर्वेद की दृष्टि से बात की जाए तो यहां अपार संभावनाएं हैं। 

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