उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने सरकार की ओर से एस्मा लगाए जाने के विरुद्ध हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इस प्रकरण पर सुनवाई दो जुलाई को हो सकती है। यूनियन की ओर से कहा गया है किसरकार उनको हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर करती आई है।
उसके बाद उन पर एस्मा लगाकर कार्रवाई करने को कहती है। यूनियन की ओर से कहा गया कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवानिवृत्ति देयक नहीं दिए जा रहे हैं।
पिछले चार वर्षों से कर्मचारियों को ओवर टाइम नहीं दिया जा रहा है और न ही उन्हें नियमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार और निगम ये स्थिति खुद उत्पन्न कर रही है।
सरकार और निगम हमेशा बजट का रोना रोते हैं जबकि स्थिति यह है कि निगम का पिछले 2002 से उत्तर प्रदेश पर सात सौ करोड़ रुपया बकाया है और निगम का आपदा के समय 45 करोड़ रुपया सरकार के पास बकाया है। फिर भी सरकार और निगम के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए बजट नहीं है।