हरिद्वार डिपो को नई बसें नहीं मिलने के कारण अब अर्द्धकुंभ मेले के दौरान खटारा बसों से ही तीर्थयात्री यात्रा करेंगे।
ऐसे में परिवहन निगम को अर्द्धकुंभ मेले से ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद नहीं है। जबकि दूसरे प्रदेशों की बसें बेहतर राजस्व कमाएंगी। करीब तीन साल से डिपो के बेड़े को ज्यादा बसें नहीं मिल पाई हैं।
तीन साल पहले रोडवेज मुख्यालय की ओर से 150 नई बसें मंगाई गई थी। जिसमें से हरिद्वार डिपो के हिस्से में महज चार बसे आई थीं।
करीब नौ माह पहले भी रोडवेज मुख्यालय की ओर से पहाड़ी क्षेत्रों में बसों के संचालन के 46 छोटी बसें मंगाई, लेकिन हरिद्वार डिपो के हिस्से में महज दो ही बसें आई। जबकि रोडवेज की आय बढ़ाने में हरिद्वार डिपो भी प्रमुख डिपो की सूची में आता है।