यहां गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए उनकी ओर से जूनियर हाईस्कूल खोला गया है जिसमें वर्तमान में 250 बच्चे निशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सोमवार को अपने आश्रम में आयोजित पत्रकार वार्ता में भंडारी ने बताया कि उनके आश्रम में मर्म चिकित्सा और पंचकर्म से असाध्य रोगों का भी इलाज किया जा रहा है। लोगों को योग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। भंडारी का परिवार विदेश में रहता है और बच्चे ही उन्हें आश्रम चलाने में मदद करते हैं।
भंडारी ने बताया कि आश्रम खोलने की प्रेरणा उन्हें अपने माता-पिता के संस्कारों और पहाड़ के सामाजिक परिवेश से मिली। रानीखेत के मवड़ा गांव में भी उनकी ओर से योग शिविर आयोजित किए जाते हैं। छह से 11 नवंबर तक आश्रम में एक आवासीय शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें योग और मर्म चिकित्सा का अभ्यास कराया जाएगा। इसके लिए आश्रम में पंजीकरण कराया जा सकता है।