छह माह चलने वाली चारधाम यात्रा में 2023 में 56 लाख व 2024 में चारधाम यात्रा 48 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इस साल अब तक यह आंकड़ा 50 लाख पार कर चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से चुनौतियां भी कम नहीं होंगी। उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टीनेशन के रूप में विकसित करने की योजना है। त्रियुगीनारायण मंदिर शिव-पार्वती के विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। इस धार्मिक स्थल में सात फेरे लेने के लिए आकर्षण तो बढ़ा है लेकिन अभी तक यहां शादी में शामिल होने वाले मेहमानों के ठहरने व शादी समारोह के स्थान सुविधाओं का अभाव है।
साहसिक व वेलनेस पर्यटन से नई उम्मीद
तीर्थाटन से इतर उत्तराखंड को पर्यटन की नई गतिविधियों की पहचान कर बुनियादी ढांचा खड़ा करना होगा। साहसिक, वेलनेस में पर्यटन क्षेत्र की नई उम्मीदें देखी जा रही हैं। देश दुनिया से पर्यटकों के लिए सुलभ सुविधा उपलब्ध करने पर काम करना होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था भी बढ़ेगी। उत्तराखंड की आबोहवा, हरियाली से घिरी वादियां, नदियां, झीलें, हिमालयी चोटियां में पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। राज्य गठन के बाद उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को रफ्तार मिली है। अब आने वाले 25 वर्षों के लिए नए पर्यटन डेस्टिनेशन के साथ साहसिक पर्यटन में पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग, वर्क फॉर्म होम, आध्यात्म, योग, वेलनेस क्षेत्र में बुनियादी ढांचा व सुविधाएं विकसित करनी होगी।