इस तरह की हैं कमियां
राज्य लोक सेवा आयोग के पास भर्तियों के जो प्रस्ताव पहुंचे हैं, उनमें से ज्यादातर में आरक्षण की स्थित स्पष्ट नहीं है। कई ऐसे हैं, जिनमें रिक्त पदों का आंकड़ा ही सही नहीं है। कुछेक ऐसे हैं, जिनकी सेवा नियमावली ही पद के हिसाब से अलग है।
सीएम ने दिए थे पूरे अधियाचन भेजने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समूह-ग की भर्तियों के लिए राज्य लोक सेवा आयोग को जिम्मेदारी देने के साथ ही सभी विभागों को पूरे अधियाचन भेजने के निर्देश दिए थे। उन्होंने साफ कहा था कि अधियाचनों की वजह से कोई भी भर्ती प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से सीधे ट्रांसफर हुईं भर्तियां
राज्य सरकार ने जब कैबिनेट की बैठक में समूह-ग की भर्तियां उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से राज्य लोक सेवा आयोग को ट्रांसफर करने का निर्णय लिया तो इसके बाद सभी अधियाचन सीधे राज्य लोक सेवा आयोग को भेज दिए गए। इनमें से तमाम अधियाचन ऐसे थे, जिनका अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अध्ययन ही नहीं कर पाया था। लिहाजा, इनकी खामियां भी दूर न हो पाई थीं। अब राज्य लोक सेवा आयोग को इनका अध्ययन करना पड़ रहा है।
विभागों की सेवा नियमावली सबसे बड़ा सिरदर्द
आज भी कई विभागों की सेवा नियमावली आयोगों के लिए बड़ा सिरदर्द बनी हुई हैं। हालात यह हैं कि विभागों ने समय पर इन नियमावलियों को अपडेट नहीं किया। किस पद के लिए जो अर्हता अब से 15 साल पहले थी, आज उससे जुड़े तमाम नए पाठ्यक्रम आने के बावजूद विभाग उसी पर चल रहे हैं। हाल ही में पीसीएस परीक्षा में ऐसा मामला सामने आया, जब उम्मीदवारों से डिप्लोमा मांगा गया था लेकिन यहां उस विषय में पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवार रिजेक्ट हो गए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन सभी उम्मीदवारों को पद के लिए अर्ह घोषित किया गया था। उम्मीदवार लगातार यह मांग भी कर रहे हैं कि विभाग नए पाठ्यक्रमों के हिसाब से अपनी सेवा नियमावली को अपडेट करें।
भर्ती कुछ पदों की, भरते कुछ पद हैं
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के समय में यह भी बड़ी समस्या रही है। अधियाचन के हिसाब से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने जितने पदों के लिए भर्ती निकालकर परीक्षा कराई, चयन के समय उन पदों की संख्या घट गई। ऊर्जा, सिंचाई सहित कई विभागों की समूह-ग भर्तियों में ऐसा हो चुका है। लेकिन राज्य लोक सेवा आयोग इन सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच पड़ताल कर रहा है।
करीब 12 ऐसे अधियाचन हैं जो कि विभागों को लौटाए गए हैं। इनमें कुछ तो ऐसे हैं, जिनकी मामूली क्वैरी है, जो दूर होनी है। कुछ ऐसे हैं, जिनकी सेवा नियमावली अपडेट नहीं है। तय तारीख तक जिनके भी अधियाचन आएंगे, उनकी समय से ही भर्ती की जाएगी।
- गिरधारी सिंह रावत, सचिव, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग