प्रदेश में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की ओर से नए वित्तीय वर्ष से बिजली की दरों में 4.5 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव आया है। वहीं, उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) और पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की ओर से भी अपनी दरों में बढ़ोतरी का टैरिफ दिया गया है।
प्रदेश में बिजली की नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी। नियामक आयोग को यूपीसीएल, पिटकुल और यूजेवीएनएल ने कुल मिलाकर 10.5 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें यूपीसीएल का 4.5 प्रतिशत का प्रस्ताव है जो सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित करने वाला है।
वहीं यूजेवीएनएल ने विद्युत विक्रय दरों में बढ़ोतरी और पिटकुल ने ट्रांसमिशन की दरों में बढ़ोतरी की मांग नियामक आयोग से की है। इस प्रस्ताव पर नियामक आयोग 26 फरवरी से आठ मार्च तक जन सुनवाई करेगा। जनसुनवाई के बाद आयोग विद्युत दरों में बढ़ोतरी पर अंतिम निर्णय लेगा और नया टैरिफ जारी करेगा।
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कब कहां होगी जनसुनवाई
26 फरवरी: होटल रानीखेत ग्रैंड, सदर बाजार, रानीखेत के सभागार में
27 फरवरी: विकास भवन, नैनीताल रोड़, रुद्रपुर के सभागार में
02 मार्च: उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के सुनवाई कक्ष में
08 मार्च: ऑडिटोरियम, नगर निगम कोटद्वार में
आपकी राय होगी अहम
नियामक आयोग की जनसुनवाई में जनता से बिजली की दरों पर बढ़ोतरी को लेकर सुुझाव लिए जाएंगे। इन सुझावों पर मंथन करने के बाद ही बढ़ोतरी पर अंतिम निर्णय होता है। सुनवाई में आम आदमी के साथ ही उद्योग जगत, किसानों, व्यापारियों से भी राय ली जाएगी।
घरेलू दरें बढ़ाने का दबाव
लंबे समय से घरेलू बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। हर बार यूपीसीएल की ओर से प्रस्ताव भेजा जाता है लेकिन आयोग बढ़ोतरी नहीं करता। इस बार यूपीसीएल के घाटे को देखते हुए घरेलू दरों में बढ़ोतरी का दबाव है। हालांकि अंतिम निर्णय आयोग को ही लेना है।