जेल से शव को अस्पताल लाने पर एसडीएम विवेक प्रकाश व सीओ सुरजीत कुमार ने अस्पताल में शव का मौका मुआयना किया। सीओ ने बताया कि कैदी के आत्महत्या करने की घटना की मजिस्ट्रीयल जांच भी होगी।
लॉकडाउन लगने से अब तक नहीं मिला परिवार
कोरानाकाल में कैदियों से मुलाकात पर रोक के कारण परिवार के सदस्यों की मुलाकात ही नहीं हुई। मृतक कैदी के भाई मुख्त्यार सिंह ने बताया कि लॉकडाउन से पहले वह उससे मिलने गए थे। लेकिन मार्च में जैसे ही लॉकडाउन लगा तो परिवार से कोई संपर्क नहीं हो सका।
मरने से पहले जेल के एक सिपाही से की थी बात
कैदी सूरज सिंह सूरी ने आत्महत्या करने से पहले जेल में डयूटी कर रहे सिपाही से भी बात की थी। बताया जा रहा है कि सिपाही ने उससे पूंछा था और उसने भी हंसकर अपनी कुशलता से बताई थी। मृतक हर दिन कैदियों की कमान के साथ जेल का काम करने जाता था। रविवार की वजह से आज वह कमान में नहीं गया था।