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उत्तराखंड पुलिस लूटकांड: मामले की जांच पूरी, बर्खास्त हो सकते हैं तीनों आरोपी पुलिसकर्मी

Sun, 09 Aug 2020 03:21 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • आईजी की कार का इस्तेमाल कर प्रॉपर्टी डीलर से लूट का मामला
  • लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान हुआ था लूटकांड 
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड में सुर्खियों में रहे ‘पुलिस लूटकांड’ के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो गई है। लूट में आईजी गढ़वाल की सरकारी कार का इस्तेमाल किया गया था। बताया जा रहा है कि जांच में एक सब इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों को दोषी पाया गया है। ऐसे में अब उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल तीनों निलंबित चल रहे हैं। हालांकि, डीआईजी का कहना है कि अभी वे ‘जांच रिपोर्ट’ का परीक्षण कर रहे हैं। 

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घटना चार अप्रैल-2019 की रात की है। उस समय लोकसभा चुनाव चल रहे थे। एक प्रॉपर्टी डीलर ने तीन पुलिसकर्मियों और एक कांग्रेस नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि उसे एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो कारसवार पुलिसकर्मियों ने रोका और खुद को चुनाव स्टेटिक टीम बनकर रुपयों से भरा बैग उससे लिया और स्कॉर्पियो में रखकर फरार हो गए। मामले में जब प्राथमिक जांच हुई तो सीसीटीवी कैमरों के आधार पर तीनों पुलिसकर्मियों की पहचान सब इंस्पेक्टर दिनेश नेगी, सिपाही मनोज अधिकारी और हिमांशु उपाध्याय के रूप में हुई। 

इनके खिलाफ डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद जांच एसटीएफ को सौंपी गई। एसटीएफ ने तीनों पुलिसकर्मियों और कांग्रेसी नेता अनुपम शर्मा को गिरफ्तार किया। कांग्रेसी नेता पर आरोप था कि उसने इन पुलिसकर्मियों का इस घटना में पूरा-पूरा साथ दिया था। हालांकि, एसटीएफ लूटी गई रकम बरामद नहीं कर पाई थी। एसटीएफ ने पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मिले सुबूतों के आधार पर चारों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। 

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इधर, इस मामले में एसपी देहात देहरादून को पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच सौंपी गई थी। अब यह जांच पड़ताल पूरी हो चुकी है, जिसकी रिपोर्ट उन्होंने डीआईजी अरुण मोहन जोशी को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक जांच में तीनों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए हैं। ऐसे में मुख्यालय इनके खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई कर सकता है। निलंबन पहले से चल रहा है। माना तो यह भी जा रहा है कि तीनों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई भी हो सकती है। 

राजपुर रोड पर दिया था घटना को अंजाम 
तीनों पुलिसकर्मियों ने तत्कालीन आईजी गढ़वाल रेंज अजय रौतेला की कार का इस्तेमाल किया था। उन्होंने राजपुर रोड स्थित एक होटल के पास घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद से लगातार पुलिस विभाग मामले की जांच कर रहा था। एक मर्तबा सेमी ज्यूडिशियल टीम ने भी जांच कर तीनों पुलिसकर्मियों को दोषी पाया था। 

जांच पूरी हो गई है। एसपी देहात ने रिपोर्ट मुझे सौंप दी है। इसका परीक्षण किया जा रहा है। जल्द आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट को अगले स्तर पर पहुंचाया जाएगा।
-अरुण मोहन जोशी, डीआईजी देहरादून
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