महाराज सरकार को सुझाव दे चुके हैं कि बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए क्वारंटीन की अवधि को सात दिन से घटाकर तीन दिन कर दिया जाए। साथ ही वे होटल व रेस्टोरेंट के खुलने के समय को बढ़ाने के पक्ष में भी हैं। इन मसलों को उठाने के पीछे उनका एक मात्र ध्येय पर्यटन कारोबार की गतिविधियों में तेजी लाना है।
उत्तराखंड होटल इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी कायाकल्प टूरिज्म की वकालत कर रहे हैं। उनका सुझाव है कि कोविड से उबर चुके लोगों के लिए उत्तराखंड के दरवाजे खोल देने चाहिए, ताकि वे यहां आकर स्वास्थ्य लाभ ले सकें।
इतना ही नहीं उन्होंने एसोसिएशन की ओर से कोविड विजेताओं को डिस्काउंट देने का सुझाव भी दिया है। पर्यटन मंत्री, होटल इंडस्ट्री एसोसिएशन, होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन कारोबार से जुड़े उद्यमियों की मांग पर सरकार अब तकरीबन मन बना चुकी है।
अमर उजाला के वेबिनार में पर्यटन कारोबार से जुड़े उद्यमियों ने कोविड विजेताओं को राज्य में आने की अनुमति देने की वकालत की थी। होटल इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी का कहना था कि सरकार को नई चुनौतियों में नए तरह के टूरिज्म की सोच बनानी होगी। उन्होंने कायाकल्प पर्यटन का सुझाव दिया था।
दरवाजे खुले तो मिलेगी राहत
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सुरक्षा के सभी उपाय करते हुए यदि बाहरी राज्यों के पर्यटकों के लिए दरवाजे खुलेंगे तो कारोबारियों को राहत मिलेगी। हालांकि बरसात के समय चारधाम यात्रा में कठिनाइयां हैं, लेकिन मसूरी, नैनीताल और अन्य तीर्थ व पर्यटन स्थलों पर पसरा सन्नाटा टूट सकता है।