उत्तराखंड में दो बड़ी प्रस्तावित जल विद्युत परियोजनाओं लखवाड़ और व्यासी को दो सप्ताह के भीतर स्वीकृति मिल जाएगी। दोनों परियोजनाओं को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है। जिसके बाद सिर्फ एडवाइजरी कमेटी के दो हफ्ते में मंजूरी मिलने की औपचारिकता शेष हैं।
मुख्य सचिव सुभाष कुमार शनिवार को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय सचिव राजगोपालन से परियोजनाओं के प्रस्तावों को लेकर मिले हैं। 300 मेगावाट की लखवाड़ परियोजना के लिए वन विभाग की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। 120 मेगावाट की व्यासी जल विद्युत परियोजना के लिए भी सारी औचारिकताएं पूरी हैं।
एडवाइजरी कमेटी से मंजूरी
मुख्य सचिव ने बताया कि दो सप्ताह के अंदर राज्य सरकार को एडवाइजरी कमेटी से मंजूरी मिल जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लखवाड़ परियोजना पहले से स्वीकृत है, लेकिन परियोजना का कार्य यूजेवीएलएल को देने की वजह से दोबारा मंजूरी ली जा रही है।
उन्होंने बताया कि 120 मेगावाट क्षमता की व्यासी जल विद्युत परियोजना को मंत्रालय से 12 अगस्त 2013 को स्वीकृति मिल गई है। न्यायालय का निर्णय आने के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने परामर्श के लिए न्याय विभाग को प्रस्ताव भेजा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के समय शुरू हुई इस परियोजना पर 33 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। अगर दोनों परियोजनाओं को कार्य शुरू करने की स्वीकृति मिल जाती है तो इनका निर्माण जल्द शुरू किया जा सकेगा।