चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में उतर रहीं भाजपा ने पिछले चार दिन के सियासी घमासान के बीच उत्तराखंड को सियासत की प्रयोगशाला ही बना डाला। मुख्यमंत्री न बदलने की धारणा को तोड़ा तो बाहर का रास्ता दिखाए गए त्रिवेंद्र सिंह रावत को ही पूरा मौका दिया कि वे अपनी पसंद के मुख्यमंत्री को ताज तक पहुंचा दे।
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बुधवार का दिन भर का घटनाक्रम बता रहा है कि तीरथ सिंह रावत के मुख्यमंत्री बनने में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की खासी महत्वपूर्ण भूमिका रही। भाजपा विधानमंडल दल की बैठक में तीरथ के नाम का प्रस्ताव भी त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ही किया। सूत्रों के मुताबिक तीरथ के नाम पर मुहर देर रात लगी थी। लेकिन विधायक दल के सामने त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ही इस नाम का खुलासा किया। ऐसे में त्रिवेंद्र सिंह रावत के नंबरों में भी इजाफा हुआ। जिन स्थितियों में त्रिवेंद्र को हटाया गया था, उससे त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलग-थलग होने से भी इनकार नहीं किया जा रहा था।
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चार दिन के अंदर-अंदर यह भाजपा का दूसरा प्रयोग था जो सटीक बैठा। इसी का सबब था कि सत्ता बदलाव के दौरान होने वाला हंगामा नदारद दिखाई दिया। खुद केंद्रीय पर्यवेक्षक रमन सिंह इसके कायल हुए। उन्होंने उत्तराखंड के भाजपा नेताओं की शालीनता की दाद भी दी और हाईकमान तक इस बात को पहुंचाने का इरादा भी जाहिर किया।
चार दिन का भाजपा का यह सियासी घमासान यह बताने के लिए भी काफी है कि भाजपा ने यहां प्रयोग करने में कोताही नहीं की। पहले प्रयोग के रूप स्त्रमें मुख्यमंत्री के रूप में त्रिवेंद्र सिंह रावत की विदाई उस पार्टी ने की जिसके बारे में कहा जाता है कि वह जल्दी से मुख्यमंत्री नहीं बदलती। भारी बहुमत के कारण पार्टी को इस बात का भी डर नहीं था कि विधायकों का असंतोष सरकार के गिरने तक पहुंच पाएगा।
फिर भी हाईकमान ने बजट सत्र के दौरान यह जोखिम उठाया। इसी के साथ त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटा कर पार्टी ने भाजपा शासित राज्यों के अपने मुख्यमंत्रियों को एक संकेत तो दे ही दिया। मुख्यमंत्रियों को अपने स्तर पर किसी भी तरह के असंतोष को थामना ही चाहिए।
इसी के साथ स्थानीय नेतृत्व को फुर्सत लेने का मौका भी हाईकमान ने इस फेरबदल के जरिए नहीं दिया है। विधानसभा चुनाव से पहले ही संसदीय सीट और करीब दो विधानसभाओं में उपचुनाव होना भी तय है।
मैं 15 साल मुख्यमंत्री रहा। सियासत में उतार-चढ़ाव के कई दौर मैने देखे। लेकिन जिस शालीनता और संयम के साथ उत्तराखंड में नए मुख्यमंत्री को चुना गया, वह मैने आज तक नहीं देखा। जिस गरिमा के साथ विधायकों, सांसदों और पार्टी पदाधिकारियों ने अपनी बात रखीं, वह एक मिसाल है। मैं हाईकमान को यह बात बताउंगा।
- रमन सिंह, केंद्रीय पर्यवेक्षक, भाजपा