उत्तराखंड कांग्रेस का कोई भी नेता दिल्ली जाता है तो यहां राजनीतिक हलचल और गुटबाजी तेज हो जाती है। वहां नेताओं की गतिविधियां यहां गरमी पैदा करती हैं।
ऐसा ही कुछ शुक्रवार को भी पूरे दिन चला। दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और पूर्व सांसद सतपाल महाराज के मिलने की खबर ने फिर कांग्रेस में उबाल लेकर आई।
हालांकि दोनों ही नेताओं की ओर स्पष्ट किया गया कि कोई मुलाकात नहीं हुई है। बावजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की ओर से इन नेताओं के मिलन पर आई टिप्पणी भविष्य में फिर से अखाड़ा खोल सकती है।
सरकार में मंत्री हरक सिंह रावत विदेशी दौरों पर रोक लगाने के फैसले पर अपना बयान देकर उसी दिन दिल्ली रवाना हो गए।
गुटबाजी ने जोर पकड़ा
उसके बाद फिर से कांग्रेस में गुटबाजी ने जोर पकड़ा और उनके बयान से अधिक वहां नेताओं से मिलने पर प्रतिक्रिया आने लगीं। किसी ने कहा मंदिर में कोई भी दर्शन को जा सकता है किसी ने राजनैतिक तंज कसा।
दिल्ली से खबर आई कि कांग्रेस के कुछ विधायक केंद्रीय नेताओं से मिले हैं। हालांकि जिन विधायकों की ओर इशारा किया जा रहा था उनमें कुछ उसी दिन पार्टी के ही कार्यक्रम में शामिल थे।
हरक सिंह तीन दिन बाद शुक्रवार को दिल्ली से लौटे आए। दिल्ली एयरपोर्ट में हरक सिंह की हाय-हैलो कांग्रेस छोड़कर गए सतपाल महाराज से हुई। बताते हैं कि महाराज भाजपा के महामंत्री संगठन रामलाल के साथ कहीं और जा रहे थे। जबकि हरक सिंह को देहरादून की फ्लाइट पकड़नी थी।
मुलाकात को लेकर चर्चा
हरक सिंह ने भी इस बात की पुष्टि की उनकी दिल्ली एयरपोर्ट पर महाराज से मुलाकात हुई थी।
उन्होंने इस बात का भी जानकारी दी कि वह अपने निजी काम से दिल्ली गए थे। जबकि देहरादून में पूरे दिन मीडिया में बहुगुणा और महाराज की मुलाकात को लेकर चर्चा गरम रही।
बहुगुणा-महाराज मुलाकात पर जब मीडिया ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से बातचीत की तो उन्होंने दार्शनिक अंदाज बयान दिया कि ये तो कांग्रेस के साथ होता ही है जिन लोगों को पार्टी उनके हक से ज्यादा दे देती है वे ही बाद में पार्टी को नुकसान पहुंचाते हैं।
हालांकि फिर बात को आगे बढ़ा बोले कि बहुगुणा जी बहुत वरिष्ठ नेता हैं जो ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे पार्टी को कोई नुकसान पहुंचे। पार्टी पूरी तरह से एकजुट है।