गैरसैंण में दो नवंबर से प्रस्तावित विधानसभा सत्र में लाने वाले अनुपूरक बजट में शासन ने मुख्यमंत्री की 31 मार्च 2015 तक की सारी घोषणाओं को पूरा करने के लिए फंड की व्यवस्था कर ली है।
मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि अनुपूरक बजट में कर्मचारियों के वेतन, पेंशन सहित अन्य गैर योजनागत खर्च के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। बजट की तैयारी का एक चरण पूरा किया जा चुका है और वित्त विभाग ने संबंधित विभागों के साथ बैठक कर अनुदान मांगों का खाका तैयार कर लिया है।
मुख्य सचिव ने बताया कि इस अनुपूरक बजट में 14वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के बाद प्रदेश में वित्तीय स्तर पर हुए बदलावों का खास ध्यान रखा गया है। 14वें वित्त आयोग की संस्तुतियों केबाद से केंद्र सरकार की ओर से होनी वाली फंडिंग में भी बदलाव आया है।
इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए अनुदान मांगें तैयार की गई हैं। ऐसे में नाबार्ड से ऋण लेने पर जोर दिया गया है। अनुदान मांगों में समाज कल्याण, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पेयजल, सूचना प्रौद्योगिकी को तवज्जो दी गई है। मुख्य सचिव के मुताबिक मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में बीमा कवर 50 हजार से बढ़ाकर दो लाख कर दिया गया है।
इसके लिए भी अनुदान मांगों में पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। गैर योजनागत मदों में कोई कमी नहीं की गई है। मुख्य सचिव ने बताया कि अनुपूरक बजट को 20 अक्तूबर तक तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद मंत्रिमंडल से इसकी अनुमति ली जाएगी। वित्त विभाग अब सभी प्रमुख विभागों के साथ दूसरे दौर की बैठक कर अनुपूरक मांगों को अंतिम रूप देगा।