वहीं, आईपीएस कुश मिश्रा इस पर्व की गरिमा ही भूल बैठे। उन्होंने परेड में जाना ही मुनासिब नहीं समझा। वह कुछ समय पहले ही जनपद देहरादून में तैनात हुए थे। आते ही उन्होंने ऐसे दो काम किए जिनकी जांच भी कराई गई। पौड़ी एसएसपी ने एक नेता की पार्टी में दबिश और चौकी में मारपीट संबंधी जांच कर मुख्यालय को सौंप दी थी।
दोनों अधिकारियों के मामले संज्ञान में आए हैं। इनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा कि आखिर उन्होंने ऐसा किन परिस्थितियों में किया। इन मामलों की जांच आईजी मुख्यालय डॉ.सदानंद दाते को सौंपी गई है।
- दीपम सेठ, डीजीपी