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पहेली बने माओवादी, पर्चे फेंककर हुए गायब

Tue, 05 May 2015 10:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत
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माओवाद के समर्थन में सोमेश्वर, अल्मोड़ा और बाड़ेछीना में पर्चे फेंकने वालों का अब तक सुराग नहीं लगा है। हालांकि पुलिस पर्चे फेंकने वालों की तलाश में जुटी है।
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माओवाद के समर्थन में अज्ञात लोगों ने बृहस्पतिवार की रात सोमेश्वर में दुकानों के बाहर पर्चे फेंके थे। इसके बाद शुक्रवार रात अल्मोड़ा के धारानौला, लाला बाजार और मालरोड आदि स्थानों पर माओवाद के समर्थन वाले पर्चे मिले। शनिवार रात बाड़ेछीना में भी माओवाद के समर्थन वाले करीब चार दर्जन से अधिक पर्चे मिले।

खुफिया एजेंसियों ने पर्चे लिए कब्जे में
इन तीनों स्थानों से पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने पर्चे कब्जे में ले लिए हैं। बाड़ेछीना में फेंका गया पर्चा उत्तराखंड उप्र सीमांत स्पेशल एरिया-कोआर्डिनेशन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नाम से फेंका गया है।
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पर्चे में लाल रंग में जन मुक्ति छापेमार सेना (पीएलजीए) का लोगो छपा है। तीनों स्थानों पर फेंके गए पर्चे प्रिंटेड हैं। पर्चे फेंकने वालों का पुलिस अब तक सुराग नहीं लगा पाई है।

पुलिस कर रही जांच
थानाध्यक्ष संजय गर्ब्याल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।
उधर, अल्मोड़ा जिले के कई हिस्सों में माओवाद के समर्थन वाले पर्चे मिलने के बाद चंपावत जिला प्रशासन भी चौकस हो गया है। पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर का कहना है कि जिले में ऐसे कोई पर्चे नहीं मिले हैं।

गौरतलब है कि 2004 में ब्यानधूरा (चंपावत) के नजदीक माओवादी साहित्य और हथियारों के साथ कुछ लोग पकड़े गए थे जिन्हें बाद में बरी कर दिया गया था। वहीं पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक रोशन लाल शर्मा ने बताया कि आपत्तिजनक गतिविधियों पर जिला पुलिस पूरी नजर रखे हुए है।
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