वर्ष 2004 के निकाय चुनाव में भी पहली बार दो बच्चों की शर्त लागू की गई थी। उस समय भी यह सवाल प्रमुखता से उठा था कि जुड़वा बच्चों को लेकर क्या व्यवस्था रहेगी। क्या उन्हें एक माना जाएगा या फिर उनकी गणना दो के रूप में ही होगी। यहां भी जुड़वा बच्चों को एक ही माना गया था।
इस बार पंचायतीराज एक्ट में संशोधन करते हुए जब दो बच्चों की शर्त रखी गई, तो जुड़वा बच्चों का सवाल फिर से जिंदा हो गया। निर्वाचन आयोग ने शासन से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा, तो अब जाकर जवाब सामने आया है। कहीं न कहीं शासन ने निकाय चुनाव से जुडे़ अनुभव को भी ध्यान में रखा है।
हाईकोर्ट ने धारचूला ब्लॉक के बीडीसी सदस्य पद के दावेदार धन सिंह धामी के नामांकन को तीन बच्चों के आधार पर रद्द नहीं करने के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। धन सिंह धामी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसने जुम्मा बीडीसी क्षेत्र से नामंकन किया है।
उसके दो लड़के हैं। 16 वर्ष पहले उसने एक लड़की को मानवता के नाते गोद लिया था। उसे तीसरा बच्चा मानकर उसके खिलाफ आपत्ति दर्ज की जा रही है और उसका नामांकन रद्द किया जा सकता है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने धारचूला ब्लॉक के निर्वाचन अधिकारी को याची का नामांकन रद्द नहीं करने का आदेश दिया है।