बता दें कि यह मामला कॉर्बेट नेशनल पार्क में पेड़ों की कटान कर अवैध निर्माण से जुड़े एक बड़े घोटाले का हिस्सा है। जांच में वन विभाग के कई अधिकारियों और ठेकेदारों के नाम सामने आ चुके हैं। जिन पर नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप हैं। एजेंसी का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है। ईडी भारतीय दंड संहिता, वन संरक्षण अधिनियम, वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट जता चुका है नाराजगी
मामले की जांच और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की धीमी गति पर सुप्रीम कोर्ट नाराजगी जता चुका है। मामले में जल्द कार्रवाई के निर्देश हैं। उस दौरान खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई न होने पर भी सवाल उठाया था। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले जांच एजेंसी ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाया है। आने वाले समय में कुछ और गिरफ्तारियां या संपत्तियों की कुर्की हो सकती है।