दूसरे मद का पैसा डीएफओ और रेंजर से सांठ-गांठ कर टाइगर सफारी के काम में खपा दिया गया। ठेकेदार से काम की एवज में बड़ी रकम ली गई थी। विजिलेंस ने जांच के दौरान पाया था कि रेंज के लिए खरीदे गए जेनरेटर सेट का पूर्व मंत्री के करीबियों के पेट्रोल पंप और कॉलेज में इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसी बीच हाइकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश दिए थे। सीबीआई ने पूर्व डीएफओ किशन चंद आदि के खिलाफ अभियोजन की अनुमति भी शासन ने मांगी थी। सीबीआई सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जल्द ही वहां से अनुमति मिलने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाएगी।