विजिलेंस ने पूर्व रेंजर बृज बिहारी शर्मा को गिरफ्तार भी किया था। लेकिन, पूर्व डीएफओ किशनचंद को कोर्ट से स्टे मिल गया था। हालांकि, विजिलेंस ने जब इसे चुनौती दी तो गिरफ्तारी के बिना ही चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति मिल गई। ऐसे में विजिलेंस ने दोनों के खिलाफ वर्ष 2023 में चार्जशीट दाखिल कर दी और शासन से इनके खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी। लेकिन, विजिलेंस को यह अनुमति नहीं मिली।
इसी बीच हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने जांच शुरू की और विजिलेंस के तथ्यों के आधार पर ही इस चार्जशीट को सही माना। अब इन दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए अनुमति की आवश्यकता थी तो सीबीआई ने विजिलेंस के पत्र को ही आधार मानते हुए शासन को रिमाइंडर भेजा है। जल्द ही किशनचंद और बृज बिहारी के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति सीबीआई को मिल सकती है।