इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सहित पूरे देश में न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्य को मजबूर करने का काम लगातार किया जा रहा है। गत 10 सालों में केंद्र सरकार ने न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आठ हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। केंद्र सरकार ने अंग्रेजों के जमाने के तमाम कानूनों को हटाकर आज की नई आवश्यकता के अनुसार नए कानूनों को लागू किया है। इन कानूनों के लागू होने के बाद न्याय की अवधारणा को और अधिक मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से बार एसोसिएशन देहरादून चेंबर भवन की मांग कर रहा था। इसके संबंध में एसोसिएशन के साथ अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के पदाधिकारियों ने भेंट कर नए भवन के लिए जमीन मांगी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े पांच हजार से ज्यादा अधिवक्ता और अन्य लोग कार्यरत हैं। लिहाजा यहां चेंबर भवन के निर्माण के लिए पांच बीघा जमीन बार एसोसिएशन को दी गई थी।
इस जमीन पर 1500 चेंबर, एक ऑडिटोरियम, लाइब्रेरी, कैंटीन, पार्किंग बनाई जाएगी। यह भवन नौ मंजिला बनाया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, जिला जज प्रेम सिंह खिमाल, बार एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष राजीव शर्मा, सचिव राजवीर सिंह बिष्ट और अधिवक्तागण उपस्थित थे।