राज्य 2017 2018
उत्तराखंड 127 146
हिमाचल 171 182
जम्मू कश्मीर 62 103
मेघालय 46 25
मिजोरम 18 09
सिक्किम 10 03
त्रिपुरा 57 68
अरुणाचल प्रदेश 03 08
नागालैंड 05 07
मणिपुर 15 21
(स्रोत: लोस में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी)
लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त इंजीनियर इन चीफ एचके उप्रेती कहते हैं कि पैदल यात्री का सड़क पर पहला अधिकार है। लेकिन सुरक्षा के इंतजाम न होने से सड़कें असुरक्षित हैं। उनका कहना है कि जिन सड़कों के किनारों पर फुटपाथ होते हैं, उन पर अतिक्रमण होता है, जिससे पैदल यात्री सड़कों का इस्तेमाल करते हैं। कायदे से सड़कें पैदल यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार होनी चाहिए।
लेकिन वास्तविकता में ये उन पर दौड़ने वाले वाहनों के हिसाब से बनती हैं। पहाड़ में जगह की कमी के कारण पैदल चलने वालों को सड़क पर ही चलना होता है। प्रदेश की सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज भी नहीं हैं। सीमित संसाधनों में इन्हें नहीं बनाया जा रहा है। परिवहन के कानून को सख्ती से लागू कराकर भी हादसों को रोका जा सकता है।
सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए रोड सेफ्टी ऑडिट हो रहा है। पहले चरण में 1200 किमी सड़कों का ऑडिट प्रस्तावित है। इस पर कार्य आरंभ हो चुका है। हमारी यह पूरी कोशिश है कि मार्ग उन पर चलने वाले वाहनों के लिए ही नहीं, पैदल चलने वालों के लिए भी सुरक्षित होने चाहिए। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर ऑडिट हो रहा है।
- हरिओम शर्मा, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग