इसका सबसे बड़ा फायदा उन महिलाओं को होगा, जो पहाड़ में खेती का काम कर रही हैं और उनके नाम कोई जमीन नहीं है। इससे उन्हें बैंक लोन सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही महिला आत्मनिर्भरता में भी प्रदेश एक कदम आगे बढ़ाएगा।
24 को होगी बैठक
एसीएस ओमप्रकाश की अध्यक्षता में एक कमेटी भू सुधार को लेकर पहले से ही गठित है। इस समिति में विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव और सचिव शामिल हैं। अब 24 जुलाई को इस समिति की बैठक है और बैठक में मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर बातचीत हो सकती है।
बंदोबस्त का काम भी आगे बढ़ा
पहाड़ों में भूमि बंदोस्त का काम भी तेजी से आगे बढ़ा है। सचिव राजस्व सुशील कुमार के मुताबिक करीब-करीब सभी विभागों के प्रस्ताव इसमें आ गए हैं। पंचायत के स्तर से शुरू पीएम की ओर से घोषित स्वामित्व योजना से ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी वाले इलाकों में इसका समाधान हो चुका है। अब खेती वाले इलाके पर काम हो रहा है। पहाड़ों में 1952 के बाद भूमि बंदोबस्त नहीं हुआ है। सीएम ने सोमवार को यह भी कहा कि भूमि बंदोबस्त को भी जल्द पूरा किया जाएगा।
भूमि पर पति के साथ ही पत्नियों का भी अधिकार हो इस पर सरकार जल्द फैसला करेगी। पहाड़ में महिलाओं को लोन लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह व्यवस्था हो जाने के बाद उन्हें परेशानी नहीं होगी।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री (सतपुली के कार्यक्रम में)