सिस्टम की सुस्ती टूट रही उम्मीद
अब इसे राजनीतिक कारण माना जाए या सिस्टम की सुस्ती रायपुर में नई विधानसभा और सचिवालय भवन निर्माण की परियोजना फिलहाल ठंडे बस्ते में है। हालांकि राज्य संपत्ति विभाग का कहना है कि वन भूमि स्वीकृति का प्रस्ताव भेजने के बाद उसे शीघ्र मंजूरी मिलने की उम्मीद है। लेकिन सवाल यह ही है कि जब नई विधानसभा भवन बनाया जाना है तो रिस्पना पुल के पास स्थित पुरानी विधानसभा भवन में नए अवस्थापना कार्य क्यों हो रहे हैं? जाहिर है कि रायपुर में विधानसभा भवन बनने की संभावना कम होना इसकी एक वजह हो सकती है।
वन भूमि स्वीकृति के लिए प्रस्ताव राज्य संपत्ति विभाग को भेजना है। परियोजना की सैद्धांतिक स्वीकृति पूर्व में मिल चुकी थी। विभागीय स्तर पर स्वीकृति दिलाने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा।
- आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव, (वन)
हमने विधानसभा के लिए वन भूमि के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेज दिया है। हम आशा करते हैं कि मंत्रालय जल्द अपनी स्वीकृति देगा। स्वीकृति के बाद राज्य संपत्ति विभाग परियोजना पर आगे बढ़ेगा।
- विनोद कुमार सुमन, सचिव राज्य संपत्ति
रायपुर क्षेत्र में विधानसभा व सचिवालय भवन बनाए जाने को लेकर वहां भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए फ्रीज घोषित किया गया था। प्रोजेक्ट में हो रही देरी के बाद अब हम वहां फ्रीज जोन हटाने पर विचार कर रहे हैं।
- आर मीनाक्षी सुंदर, प्रमुख सचिव, आवास