उत्तराखंड फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर के चलाए जा रहे आंदोलन का पहला चरण बुधवार को पूरा हो गया। एसोसिएशन के प्रांतीय मीडिया प्रवक्ता और देहरादून के अध्यक्ष पंचम सिंह बिष्ट ने बताया कि अब पांच से आठ अप्रैल तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
एसोसिएशन ने कहा है कि सरकार की ओर से मिनिस्टीरियल कर्मियों से 10, 16, 26 वर्ष पर दिए गए एसीपी और एमएसीपी के लाभ की वसूली का आदेश जब तक वापस नहीं लिया जाता तब तक पूरे प्रदेश में करीब 35,000 कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन चलाएंगे। आंदोलन के दूसरे चरण में प्रदेशभर के मिनिस्टरियल कर्मचारी पांच से आठ अप्रैल तक हस्ताक्षर पंजिका में हस्ताक्षर करने के पश्चात पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करेंगे और कार्य बहिष्कार के दौरान गेट मीटिंग एवं जन जागरण अभियान चलाएंगे।
पंचम सिंह बिष्ट ने बताया कि 12 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। 13 अप्रैल को प्रांतीय बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि शासन से स्पष्ट निर्णय न होने के कारण प्रदेश में 500 से अधिक कर्मचारियों के पेंशन के प्रकरण लटक गए हैं। उन्हें दो-तीन माह से पेंशन नहीं मिल पा रही है। यदि सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो 13 अप्रैल की होने वाली बैठक में पेंशनरों को भी आंदोलन में शामिल करने का निर्णय लिया जा सकता है।