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उत्तराखंड के इस ‘निर्भया’ कांड से दहला लोगों का दिल, पैतृक घाट पर हुआ पीड़िता का अंतिम संस्कार

Tue, 25 Dec 2018 08:55 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी
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छात्रा की हालत जानने पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र
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दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उत्तराखंड की ‘निर्भया’ की रविवार को मौत हो गई। आज कफोलस्यूं पट्टी गांव के पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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छात्रा के अंतिम संस्कार के मद्देनजर जिला मुख्यालय पौड़ी छावनी में तब्दील हो गया। सुबह डीएम सुशील कुमार और एसएसपी जगत राम जोशी गांव में पहुंचे। उन्होंने छात्रा की मां को ढांढस बंधाया। एडीएम पौड़ी रामजी शरण शर्मा, कोतवाल पौड़ी मनोज रतूड़ी व तहसीलदार एचएम खंडूड़ी भी मौके पर मौजूद रहे। अंतिम संस्कार से पहले छात्रा की शव यात्रा निकली गई। यात्रा में स्थानीय विधायक मुकेश कोली, पालिकाध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम भी शामिल हुए। इसके बाद नयार नदी के तट पर ज्वाल्पा देवी के समीप छात्रा का अंतिम संस्कार किया गया।

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राज्यभर के लोगों में गुस्सा

गांव की 18 वर्षीय लड़की को 16 दिसंबर को एक मनचले ने पेट्रोल डाल जिंदा जलाने का प्रयास किया था। इस दिल दहला देने वाले मामले के बाद राज्यभर के लोगों में गुस्सा भरा हुआ है। छात्रा कालेज से बीएससी द्वितीय वर्ष की प्रयोगात्मक परीक्षा देकर स्कूटी से घर लौट रही थी।  घटना में छात्रा 70 प्रतिशत से अधिक झुलस गई थी।

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जिला चिकित्सालय पौड़ी में प्राथमिक उपचार के बाद छात्रा को मेडिकल कालेज श्रीनगर और मेडिकल कालेज श्रीनगर से एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।

श्वास नली चोक हो चुकी थी

19 दिसंबर को एयर एंबुलेंस से दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। सफदरजंग अस्पताल के अतिरिक्त मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आरके आनंद ने  बताया कि जब छात्रा को अस्पताल लाया था शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के चलते उसकी त्वचा का रिसाव हो रहा था।

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श्वास नली चोक हो चुकी थी। पैर पूरी तरह से चपेट में आए थे। वह बेहोशी की हालत में ही रही। बावजूद इसके उसका शरीर इलाज के लिए पूरा सहयोग कर रहा था। वह एक बहादुर बच्ची थी। छात्रा का सोमवार को गांव के पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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कब क्या हुआ

16 दिसंबर-शाम करीब पांच बजे कफोलस्यूं पट्टी के एक गांव में छात्रा को युवक ने पेट्रोल छिड़कर जिंदा जलाने का प्रयास किया ।
16 दिसंबर- शाम करीब 6.15 बजे छात्रा को जिला चिकित्सालय पौड़ी में भर्ती कराया गया। 
16 दिसंबर- रात करीब नौ बजे मेडिकल कालेज श्रीनगर को रेफर किया गया। 
16 दिसंबर- रात करीब 11 बजे छात्रा को मेडिकल कालेज से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। 

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17 दिसंबर- एम्स ऋषिकेश में इलाज शुरू। 
19 दिसंबर- एम्स ऋषिकेश से सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर किया। 
23 दिसंबर- दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में छात्रा ने दम तोड़ दिया।
24 दिसंबर- पैतृक गांव में अंतिम संस्कार हुआ।
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