फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand Nikay Chunav: नया नियम, चुनाव खर्च का ब्योरा न देने वाले प्रत्याशियों पर लगेगा तीन साल का प्रतिबंध

Thu, 28 Nov 2024 04:00 AM IST
अलका त्यागी आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Uttarakhand Nikay Chunav: हर उम्मीदवार की ओर से जमा चुनावी खर्च के लेखों का निरीक्षण करने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ये देखेंगे कि सभी दस्तावेज सही हैं या नहीं।
विज्ञापन
उत्तराखंड निकाय चुनाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

निकाय चुनाव में इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने खर्च की सीमा बढ़ाने के साथ ही कड़े नियम भी लागू कर दिए हैं। सभासद सदस्य हो या नगर निगम मेयर प्रत्याशी, चुनावी खर्च का ब्योरा प्रमाण के साथ न देने पर आयोग तीन साल का प्रतिबंध लगा देगा। इसके बाद वह कोई भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

विज्ञापन


राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने अधिकतम निर्वाचन व्यय और उसकी लेखा परीक्षक आदेश 2024 जारी किया है। इसमें स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि हर उम्मीदवार की ओर से जमा चुनावी खर्च के लेखों का निरीक्षण करने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ये देखेंगे कि सभी दस्तावेज सही हैं या नहीं।

अगर नहीं तो उसकी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी। जिसकी कॉपी नोटिस बोर्ड पर चस्पा भी करनी होगी। आयोग ऐसे उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस जारी करके 20 दिन के भीतर जवाब मांगेगा। इसके बाद भी खर्च का सही ब्योरा न दिया तो आयोग उस प्रत्याशी के चुनाव लड़ने पर तीन साल का प्रतिबंध लगा देगा।
विज्ञापन


Uttarakhand: खेल विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में शामिल होंगे राज्यपाल से नामित सदस्य, मिलेंगे ये अधिकार

विज्ञापन

प्रत्याशियों को 30 दिन के भीतर देना होगा ब्योरा
आयोग ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि जो भी प्रत्याशी नगर निगम, पालिका या नगर पंचायत के किसी भी पद पर चुनाव लड़ेगा, उसे चुनाव नतीजे आने के 30 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष खर्च का पूरा ब्योरा पेश करना होगा। ब्योरे की सत्यापित प्रति शपथ पत्र के साथ देनी होगी।

रिटर्निंग अफसर तीन बार करेंगे चेक
रिटर्निंग अफसर की ये जिम्मेदारी होगी कि वे प्रत्याशी या राजनीतिक दलों की बैठक, सभा की अनुमति देंगे। वह चुनाव के दौरान कम से कम तीन बार बुलाकर प्रत्याशी के खर्च का मिलान करेंगे। अगर प्रत्याशी ब्यौरे का निरीक्षण नहीं कराएगा तो उसे कारण बताओ नोटिस जारी होगा। फिर भी न आया तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-177 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें