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मौसम ने बदला मस्तिष्क का मिजाज: हार्मोन में हो रहा बदलाव, मनोरोग ओपीडी में पहुंच रहे मरीज, ऐसे करें बचाव

Sun, 22 Mar 2026 02:07 PM IST
Alka Tyagi अंकित यादव,संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

एसएडी एक प्रकार का मौसमी अवसाद है जो आमतौर पर सर्दियों में कम धूप और ठंडे मौसम के कारण होता है। इसके मुख्य लक्षणों में उदासी, ऊर्जा की कमी, अधिक नींद आना है।
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मानसिक तनाव - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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उत्तराखंड में अचानक खराब हुए मौसम ने लोगों के मस्तिष्क का मिजाज भी बदल दिया है। सूर्य की रोशनी कम होने से लोगों में उदासी, अधिक नींद और चिड़चिड़ेपन की शिकायत देखने को मिल रही है। जिला चिकित्सालय के मनोरोग विभाग की ओपीडी में हाल ही में सीजनल अफेक्टिव डिसॉर्डर (एसएडी) के लक्षणों वाले आठ से 10 मरीज पहुंचे हैं।

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एसएडी एक प्रकार का मौसमी अवसाद है जो आमतौर पर सर्दियों में कम धूप और ठंडे मौसम के कारण होता है। इसके मुख्य लक्षणों में उदासी, ऊर्जा की कमी, अधिक नींद आना है। इसका उपचार लाइट थेरेपी, काउंसलिंग और जीवनशैली में बदलाव से संभव है। एम्स ऋषिकेश के मनोवैज्ञानिक डॉ. विशाल धीमान के अनुसार, अचानक से मौसम बदलता है तो कुल आबादी के करीब 20 प्रतिशत लोगों के मस्तिष्क पर इसका असर पड़ता है।

इससे मस्तिष्क का सेरोटोनिन और मेलाटोनिन हार्मोन असंतुलित हो जाता है। यह सब तब होता है जब कई दिनों तक धूप न निकलने और बादल या धुंध रहने से वातावरण में अंधेरा छा जाता है। ऐसी स्थिति में लोग एसएडी की चपेट में आने लगते हैं। इसे मौसम से संबंधित मूड डिप के रूप में भी पहचाना जाता है। तीन दिनों बाद इसके लक्षण सामान्य हो सकते हैं, लेकिन इससे अधिक समय तक रहने पर यह बीमारी का रूप ले सकता है।
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पूर्व में तनाव से जूझ चुके लोगों में अधिक खतरा
जिला चिकित्सालय की वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. निशा सिंगला ने बताया कि अचानक मौसम बदलने में रिकरेंट मौसम डिसॉर्डर के मरीज बढ़ जाते हैं। ये वे मरीज होते हैं जो पूर्व में तनाव की चपेट में आ चुके होते हैं। उनमें फिर से मैनिया और डिप्रेशन की समस्या बढ़ने लगती है। ऐसी स्थिति में या तो वे शांत-शांत रहने लगते हैं या चंचल हो जाते हैं। पिछले कुछ दिनों में उनके पास इस तरह के लक्षण के साथ करीब आठ से 10 लोग पहुंचे हैं।

-ऐसे करें बचाव
1- ऑफिस और घर में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था रखें
2- सुबह समय पर उठें
3- हल्का व्यायाम और वॉक अवश्य करें
4- धूप न होने पर भी घर से बाहर निकलें
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