चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया पर बदरीनाथ में एक समुदाय के लोगों की ओर से नमाज पढ़ने के संदेश को भ्रामक तरीके से फैलाया जा रहा है। जो कि तथ्यहीन है। कहा गया कि बदरीनाथ में आस्था पथ नामक संस्था की पार्किंग का निर्माण कार्य चल रहा है।
जिसमें कार्य कर रहे एक समुदाय के लोगों द्वारा बुधवार को ईद के त्योहार के अवसर पर बंद कमरे में लाउडस्पीकर का प्रयोग किए बिना और मौलवी की अनुपस्थिति में व कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए नमाज पढ़ी गई। मामले की जांच की जा रही है।
इसके बाद देर रात इस मामले में कई लोगों पर मुकदमा भी दर्ज किया गया।
धाम में नमाज पढ़ने के मामले में स्थानीय लोगों में गुस्सा, थाने में दिया ज्ञापन
बदरीनाथ धाम में नमाज पढ़ने के मामले में स्थानीय लोगों ने बुधवार को बदरीनाथ थाने में एक ज्ञापन सौंपकर कहा गया कि बदरीनाथ धाम में इस पवित्र सावन माह में भी स्थानीय लोगों को न बदरीनाथ के दर्शनों की अनुमति दी जा रही है और न ही तप्तकुंड में स्नान करने दिया जा रहा है। लेकिन एक समुदाय विशेष के लोगों ने बुधवार को धाम में ईद की नमाज अदा की है।
यह बदरीनाथ के इतिहास में पहली बार हुआ है। यह एक निंदनीय घटना है। कहा गया कि मंदिर समिति के एक्ट नंबर 183 में स्पष्ट लिखा हुआ है कि बदरीनाथ धाम में बदरीनाथ की धार्मिक गतिविधियों के अलावा कोई भी अन्य गतिविधि न हो।