वित्तीय अनियमितताओं की हुई थी पुष्टि
पिछले दो साल से जिला पंचायत उत्तरकाशी के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे थे। इस संबंध में शिकायतें शासन तक भी पहुंचीं। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण पर आरोप है कि उन्होंने बिना कार्य कराए ही कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों को भुगतान कर दिया। टेंडर आवंटन में भी पारदर्शिता का ध्यान नहीं रखा गया। शिकायत पर शासन ने पहले उत्तरकाशी के जिलाधिकारी और फिर मंडलायुक्त से जांच कराई।
जांच में प्रथमदृष्ट्या आरोप सही पाए गए। इसमें उत्तरकाशी जिला पंचायत के तत्कालीन प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी अभियंता संजय कुमार और जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण को जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद शासन ने बिजल्वाण को अक्तूबर 2021 में कारण बताओ नोटिस जारी किया। उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। ऐसे में बिजल्वाण और प्रभारी अपर मुख्य अधिकारी को पद से हटा दिया गया। जनवरी 2022 में शासन ने डीआईजी पी रेणुका देवी और एसपी उत्तरकाशी को शामिल करते हुए एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने करीब 10 महीने में जांच पूरी कर नवंबर में मुकदमे की अनुमति के लिए फाइल शासन को भेजी थी। एसआईटी जांच में भी वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई थी।