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Uttarakhand: पुलिस की नजरों के सामने रहेगा हर ड्रोन, तैयार हो रहा UTM सॉफ्टवेयर, अगले हफ्ते होगा ट्रायल

Wed, 22 Feb 2023 06:02 PM IST
अलका त्यागी रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून

सार

अभी तक कौन, कहां और क्यों ड्रोन उड़ा रहा है इस पर नजर रखने के लिए पुलिस के पास कोई तंत्र नहीं है। जबकि, प्रदेश के कई हिस्सों में छोटे मालवाहक ड्रोन भी उड़ाए जा रहे हैं।
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ड्रोन(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pixabay
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विस्तार
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उत्तराखंड में उड़ने वाला हर ड्रोन अब पुलिस की नजरों के सामने रहेगा। पुलिस ही उसे अनुमति देगी कि टेक ऑफ करना है या लैंडिंग। पुलिस अब अनमैंड ट्रैफिक मैनेजमेंट (यूटीएम) सॉफ्टवेयर तैयार करा रही है। इसके लिए दिल्ली की एक कंपनी से करार किया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर पर प्रत्येक ड्रोन संचालकों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। पुलिस इस सॉफ्टवेयर का अगले सप्ताह ट्रायल करेगी।

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दरअसल, अभी तक कौन, कहां और क्यों ड्रोन उड़ा रहा है इस पर नजर रखने के लिए पुलिस के पास कोई तंत्र नहीं है। जबकि, प्रदेश के कई हिस्सों में छोटे मालवाहक ड्रोन भी उड़ाए जा रहे हैं। इनसे दवाएं, ब्लड सैंपल और तमाम तरह की सामग्रियों को दूर दराज के इलाकों में पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व इसका गलत फायदा भी उठा सकते हैं। लिहाजा, पुलिस ने इस तंत्र को विकसित करने के लिए दिल्ली की एक कंपनी से हाथ मिलाया है।
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यह कंपनी पुलिस के लिए यूटीएम सॉफ्टवेयर विकसित कर रही है। इस पर हर ड्रोन को पंजीकृत किया जाएगा। इससे टेक ऑफ होने से लेकर रूट और लैंडिंग तक की लाइव लोकेशन पता चल जाएगी। यदि कोई ड्रोन बिना पंजीकरण उड़ाया जा रहा है तो उसे जैमर से जाम भी कर दिया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर पर मालवाहक ड्रोन से लेकर शौकिया उड़ाने वालों को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

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नए ड्रोन का यूआईएन होगा रजिस्टर्ड
वर्तमान में डीजीसीए ने ड्रोन के लिए यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) जरूरी कर दिया है। अब जो भी ड्रोन लिया जाता है पहले उसका यूआईएन नंबर जारी होता है। पुलिस इन ड्रोन का यह नंबर अपने सॉफ्टवेयर में फीड करेगी। इसके माध्यम से पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चल सकेगा। पुलिस का यह सॉफ्टवेयर नो परमिशन नो टेकऑफ के आधार पर काम करेगा।

पुराने ड्रोन में लगाई जाएंगी विशेष चिप
पिछले साल तक आने वाले ड्रोन में यूआईएन नहीं होता था। इसमें आरआईडी (रिमोट आईडेंटिफिकेशन) होता था। आरआईडी रजिस्टर्ड करने के साथ-साथ पुलिस इन ड्रोन में विशेष चिप लगाएगी। यह चिप लोकेशन बताने के लिए लगाई जाएगी।

यूटीएम के लिए दिल्ली की एक कंपनी से बात हुई है। अगले सप्ताह इसका दून में ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद इस सॉफ्टवेयर को खरीदकर ट्रैफिक मैनेजमेंट विकसित किया जाएगा। बिना अनुमति के उड़ने वाले ड्रोन पर कार्रवाई की जाएगी।
- अमित सिन्हा, एडीजी, पुलिस संचार
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