नए ड्रोन का यूआईएन होगा रजिस्टर्ड
वर्तमान में डीजीसीए ने ड्रोन के लिए यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) जरूरी कर दिया है। अब जो भी ड्रोन लिया जाता है पहले उसका यूआईएन नंबर जारी होता है। पुलिस इन ड्रोन का यह नंबर अपने सॉफ्टवेयर में फीड करेगी। इसके माध्यम से पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चल सकेगा। पुलिस का यह सॉफ्टवेयर नो परमिशन नो टेकऑफ के आधार पर काम करेगा।
पुराने ड्रोन में लगाई जाएंगी विशेष चिप
पिछले साल तक आने वाले ड्रोन में यूआईएन नहीं होता था। इसमें आरआईडी (रिमोट आईडेंटिफिकेशन) होता था। आरआईडी रजिस्टर्ड करने के साथ-साथ पुलिस इन ड्रोन में विशेष चिप लगाएगी। यह चिप लोकेशन बताने के लिए लगाई जाएगी।
यूटीएम के लिए दिल्ली की एक कंपनी से बात हुई है। अगले सप्ताह इसका दून में ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद इस सॉफ्टवेयर को खरीदकर ट्रैफिक मैनेजमेंट विकसित किया जाएगा। बिना अनुमति के उड़ने वाले ड्रोन पर कार्रवाई की जाएगी।
- अमित सिन्हा, एडीजी, पुलिस संचार