कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के ठेकेदारों की ओर से पीएफ बकाया जमा न कराने पर खाता सीज कर दिया है। इस खाते में अभी करीब एक करोड़ रुपये हैं। इसके बाद जो भी पैसा जमा होगा, वह सीधे ईपीएफओ के पास जाएगा।
दरअसल, लगातार ईपीएफओ की ओर से चेताने के बाद भी यूपीसीएल के स्तर से पीएफ जमा कराने के मामले में लापरवाही बरती जा रही है। तत्कालीन पीएफ कमिश्नर मनोज कुमार यादव ने देहरादून और आसपास के दफ्तरों का असेसमेंट किया था।
असेसमेंट में उन्होंने पाया कि वर्ष 2013 से 2016 के बीच यूपीसीएल के ठेकेदारों ने पीएफ का पैसा ही जमा नहीं कराया है। उन्होंने यूपीसीएल पर चार करोड़ 81 लाख रुपये बकाया पकड़ा था। शुक्रवार को नए कमिश्नर सुुजीत सागर ने इस असेसमेंट के मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद ईपीएफओ ने यूपीसीएल का खाता अटैच कर दिया है। इस खाते से यूपीसीएल कोई भी पैसा नहीं निकाल पाएगा।
पूर्व में भी उठ चुके हैं पीएफ जमा न कराने पर सवाल
यूपीसीएल में पूर्व में भी कर्मचारियों का पीएफ जमा करने में लापरवाही का मामला सामने आ चुका है। उस मामले में भी ईपीएफओ ने यूपीसीएल को नोटिस भेजा था।
यूपीसीएल का असेसमेंट पूर्व में हुआ था। जिसके तहत कारपोरेशन का एक बैंक खाता अटैच कर दिया गया है। इस खाते में करीब एक करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। अब जो भी पैसा इसमें जमा होगा, वह ईपीएफओ के पास ही आएगा। यूपीसीएल नहीं निकाल पाएगा।
- पंकज कुमार, रीजनल कमिश्नर-2, ईपीएफओ