उत्तराखंड समेत कई राज्यों की मिली तारीफ
देहरादून। केंद्रीय मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में राज्यों की जमकर हौंसला अफजाई की, लेकिन कमियां गिनाने से भी वह नहीं चूके। उन्होंने उत्तराखंड समेत कई राज्यों की तारीफ की। नमस्ते योजना केे क्रियान्वयन के संबंध में उन्होंने चंड़ीगढ़ व केरल की पीठ थपथपाई, तो ट्रांसजेंडर कल्याण योजना के लिए तेलगांना को शाबासी दी। बिहार में भिक्षावृत्ति मुक्ति अभियान, मध्य प्रदेश व गुजरात की ओबीसी व घुमंतु जाति के उत्थान के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर सराहना की। उत्तराखंड में नशामुक्ति अभियान के लिए किए जा रहे प्रयासों पर मंत्री ने खुशी जताई।
बिना नाम लिए राज्यों की कमियों को भी रेखांकित किया
कैबिनेट मंत्री ने किसी राज्य का नाम तो नहीं लिया, लेकिन यह जरूर कहा कि कई राज्य ऐसे हैं, जिनके यहां से एससी जाति के बच्चों की विदेश में पढ़ाई से संबंधित योजना के लिए एक भी आवेदन नहीं आता। ऐसे राज्यों से जागरूकता फैलाने की उन्होंने अपील की। उन्होंने राज्यों के स्तर पर उपयोगिता प्रमाणपत्र देने में देरी का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा, समय पर उपयोगिता प्रमाणपत्र देने और संबंधित खाते में पैसा शेष न रहने की स्थिति में अगली किस्त जारी करने में केंद्र के स्तर पर जरा भी देरी नहीं होती है, लेकिन कई राज्य इसका पालन नहीं कर पाते। इस वजह से उन्हें धनराशि देर से अवमुक्त हो पाती है। उन्होंने कहा, अनुसूचित जाति के लोगों की बेहतरी के लिए विशेष न्यायालय, विशेष थाने खोलने के भी राज्य स्तर पर प्रयास होने चाहिए।