अफसर को हटाने में परेशानी तो आयोग को बताएं
तीन साल के नियम में भी अगर किसी जिले में किसी अफसर को किसी कारण हटाने में परेशानी है तो सरकार को इसकी जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से चुनाव आयोग को भेजनी होगी। इसके बाद आयोग के निर्देशों का पालन करना होगा।
इन पर लागू होगा नियम
प्रशासन : जिले के अधिकारी जैसे जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर, एडीएम, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, ज्वाॅइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, बीडीओ आदि। इसके अलावा सभी नगर निकायों और विकास प्राधिकरणों में भी ये नियम लागू होगा।
पुलिस : रेंज के एडीजी या आईजी, डीआईजी, स्टेट आर्म्ड पुलिस के कमांडेंट, एसएसपी, एपी, एडिशनल एसपी, सब डिवीजनल हेड, एसएचओ, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर आदि। पुलिस विभाग के कंप्यूटराइजेशन, स्पेशल ब्रांच, ट्रेनिंग आदि में लगे कर्मचारियों व अधिकारियों पर ये नियम लागू नहीं होगा। आयोग ने ये भी स्पष्ट किया है कि कोई भी दरोगा अपने गृह जिले में तैनात नहीं किया जा सकता। अगर कोई दरोगा पुलिस सब डिवीजन में तीन वर्ष का मानक पूरा का चुका है तो उसे दूसरी सब डिवीजन में भेजना होगा। दूसरे जिले में भी भेजा जा सकता है।
आबकारी : आबकारी विभाग में भी सब इंस्पेक्टर से लेकर ऊपर के सभी पदों पर पुलिस की भांति ही नियम लागू होगा।