इस बार नववर्ष मनाने के लिए बंगलूरू, पुणे, भीमताल, देहरादून, श्रीनगर समेत अन्य स्थानों से सैकड़ों पर्यटक टिंगरी बुग्याल पहुंचे थे। बंगलूरू से आए विवेक उनियाल व उदित पांडे ने बताया टिंगरी बुग्याल अपने में प्रकृति का अपार सौंदर्य समेटे हुए है।
वहीं श्रीनगर के ललित मोहन, वीएस नेगी का कहना है कि टिंगरी गढ़वाल के सबसे बेहतर बुग्यालों में से एक है। इन युवाओं ने बुरूवा से टिंगरी के बीच कई जगहों पर मिले कूड़ा-कचरा की सफाई कर उसका उचित निस्तारण भी किया।
टीम में शामिल ऑटोमेशन इंजीनियर नेहा पॉल का कहना है कि बुग्यालों व सघन वनों में जैव विविधता को बनाए रखने के लिए आमजन व विभाग को मिलकर कार्य करना होगा।
टिंगरी बुग्याल, बिसुडी ताल व आसपास के क्षेत्र को ईको फ्रैंडली टूरिज्म का हब बनाया जाएगा। इसके लिए नजदीकी गांवों का भी सहयोग लिया जाएगा, जिससे बुग्यालों का संरक्षण भी हो और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिल सके। पर्यटकों के लिए भी विभागीय स्तर पर गाइडलाइन तैयार की जाएगी, जिसका पालन अनिवार्य होगा।
- अमित कंवर, डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर/चमोली