फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: प्रदेश में समूह ग के 1500 से अधिक पदों पर होगी भर्तियां, इसी सप्ताह शुरू होगी ऑनलाइन प्रक्रिया

Wed, 18 Aug 2021 12:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

पिछले दो माह के भीतर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अलग-अलग विभागों के करीब ढाई हजार समूह ग के पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इनकी आवेदन प्रक्रिया चल रही है। कुछ की आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश में विभिन्न विभागों के 1500 से अधिक समूह ग पदों पर भर्तियां होंगी। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए इसी सप्ताह भर्तियों का विज्ञापन प्रकाशित कर दिया जाएगा।

विज्ञापन


पिछले दो माह के भीतर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अलग-अलग विभागों के करीब ढाई हजार समूह ग के पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इनकी आवेदन प्रक्रिया चल रही है। कुछ की आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बीच विभागों से धड़ाधड़ सिफारिश (अधियाचन) आ रहे हैं।

आयोग ने इनमें से आईटीआई धारकों के लिए कर्मशाला अनुदेशक, ड्राईवर, फॉरेस्ट गार्ड और कृषि विभाग में उद्यान पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी की भर्तियों का नोटिफिकेशन तैयार कर लिया है। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि इन सभी पदों के लिए सप्ताहभर के भीतर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 
विज्ञापन


इन पदों पर होगी भर्तियां
कर्मशाला अनुदेशक : 120 पद
ड्राईवर : 150 पद
फॉरेस्ट गार्ड : 890 पद
कृषि उद्यान पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी : 300 पद

500 से अधिक पदों के लिए अलग से भर्ती
आयोग के पास तमाम अधियाचन ऐसे आए हैं, जिनमें अलग-अलग विभागों में बेहद कम संख्या के पद हैं। पदवार भर्तियां निकालने में मुश्किल है। इसलिए आयोग ने सरकार से अपील की है कि बायलॉज में संशोधन किया जाए ताकि इन सभी पदों के लिए अलग से एक विज्ञापन प्रकाशित कर एक सामान्य अध्ययन की परीक्षा कराकर भर्ती की जा सके। आयोग सचिव संतोष बडोनी के मुताबिक, इन पदों की संख्या करीब 500 है। 

उम्मीदवारों के चैलेंज आयोग की मुसीबत 
विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में आंसर की जारी करने के बाद आयोग उम्मीदवारों को प्रश्नों को चैलेंज करने का मौका देता है। चूंकि, इसका कोई शुल्क नहीं है, इसलिए यह चैलेंज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। उम्मीदवार जरा सा संदेह होने पर भी सीधे आयोग को अपनी चुनौती भेज रहे हैं। जबकि देश में तमाम ऐसी परीक्षाएं होती हैं, जिनमें सवाल को चैलेंज करने पर शुल्क देना होता है। चैलेंज सही होने पर यह शुल्क लौटा दिया जाता है। इसी तर्ज पर अब भर्ती परीक्षाओं की आंसर की चैलेंज करने पर आयोग भी शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें