उसके बाद संजय ने घर में रखी तलवार निकाली और उसे धार देने के बाद वह करीब सुबह 10.30 बजे जंगल की ओर निकल गया। वहां उसने बकरी चुगाने गई अपनी गर्भवती भाभी कांता देवी पर तलवार से हमला कर उसका सिर धड़ से अलग कर दिया था।
वहां से लौटकर वह घर के पास झाड़ियों में छिप गया था। इस दौरान आरोपी ने घर लौट रहे अपने भाई सुरेंद्र पर पीछे वार कर उसकी भी हत्या कर दी थी। बताया गया कि उसकी मां मीना देवी को जब घटना का पता चला, तो वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ी। संजय वहीं नहीं रुका और रास्ते में जा रही अपनी मां को भी मार दिया।
बताया गया कि मां, भाई और भाभी की हत्या करने के बाद वह अपने पिता की तलाश भी कर रहा था, लेकिन गनीमत रही कि उसका पिता उस समय चाका बाजार गया था। जिससे वह बच गया।
हालांकि घटना के दो माह बाद ही आरोपी के पिता की भी मौत हो गई थी। घर में तीन लोगों की हत्या करने के बाद आरोपी अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक और तलवार के साथ घर के एक कमरे में कैद हो गया।
मौके पर पहुंची पुलिस फोर्स ने उसे कमरे से बाहर आने को कहा था, लेकिन वह बंदूक से फायर करने की धमकी देता रहा। दिनभर चली कार्रवाई के बाद रात को पुलिस ने आंसू गैस का प्रयोग कर उसे हिरासत में लिया था।
घर में तीन लोगों की हत्या से सहमे अभियुक्त के पिता राम सिंह ने अपने आरोपी पुत्र के खिलाफ राजस्व पुलिस में तहरीर दी थी। बुधवार को न्यायालय ने अभियुक्त को मृत्युदंड की सजा सुनाई।