अपर आयुक्त अनिल सिंह के निर्देशों पर उपायुक्त यशपाल सिंह, सहायक आयुक्त जयदीप सिंह रावत, राज्य कर अधिकारी सुनील रावत, धरेंद्र कुमार, मोनिका पंत, पराक्रम प्रसाद, संगीता बिजल्वाण, ऑडिट शाखा के उपायुक्त भुवन पांडेय, विनय पांडेय, आशीष ठाकुर, आशीष उपाध्याय, अजय बिरथरे, अवधेश पांडेय, संजीव त्रिपाठी, अंजली गुसाईं, सौरभ तिवारी, निखिलेश श्रीवास्तव।
दो महीने की कड़ी मेहनत का नतीजा
राज्य कर विभाग को लंबे समय से बिल्डरों की मनमानियों और कर चोरी की सूचनाएं मिल रहीं थीं। विभाग की जांच टीमें दो महीने से ऐसे बिल्डरों की कुंडली तैयार कर रहीं थीं। मंगलवार को सभी के प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापा मारा गया।
पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई
राज्य कर विभाग की ओर से पहली बार बिल्डरों की इस तरह टैक्स चोरी पकड़ने के लिए कार्रवाई अमल में लाई गई है। विभाग का कहना है कि प्रदेशभर में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जहां भी कर चोरी की आशंका होगी, वहां छापा मारकर कार्रवाई की जाएगी।
इधर-उधर फोन लगाने में लगे रहे बिल्डर
जैसे ही राज्य कर विभाग की टीमों ने बिल्डरों के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा तो बिल्डरों में हड़कंप मच गया। वह सिफारिशें लगाने के लिए इधर से उधर फोन करते नजर आए। हालांकि कहीं से भी राहत नहीं मिल पाई।