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उत्तराखंड: कमजोर हुआ ऑडिट का तंत्र कैसे चलेगा जीरो टॉलरेंस मंत्र,  20 साल से तरक्की नहीं

Thu, 07 Oct 2021 01:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून

सार

आडिट विभाग में कुल 174 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 126 पद खाली पड़े हुए हैं। 48 पदों पर ही कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। यह कर्मचारी भी पदोन्नति का लाभ न मिलने की वजह से निराश हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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जीरो टॉलरेंस का मंत्र फूंककर भ्रष्टाचार को छू मंतर करने का दावा करने वाली भाजपा सरकार में ऑडिट विभाग का तंत्र ही कमजोर पड़ता जा रहा है। विभागों में प्रशासनिक और वित्तीय गड़बड़ियों को पकड़ने के लिए बने इस महकमे में पिछले दो दशक से अधिकांश कर्मचारी एक अदद प्रमोशन को तरस गए हैं। आलम यह है कि कहने के लिए विभागीय ढांचे में 174 पद हैं, लेकिन तैनात केवल 48 कर्मचारी हैं। खाली पद होने के बावजूद प्रमोशन का इंतजार पूरा नहीं हो रहा है। 

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दरअसल, आडिट विभाग में कुल 174 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 126 पद खाली पड़े हुए हैं। 48 पदों पर ही कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। यह कर्मचारी भी पदोन्नति का लाभ न मिलने की वजह से निराश हैं। ऑडिट विभाग के स्वीकृत ढांचे में लेखा परीक्षक से लेकर निदेशक तक के कुल 174 पद हैं। जिसके सापेक्ष वर्तमान में मात्र 48 पद ही भरे हुए हैं।

एकीकरण नियमावली 2019 के तहत अधिकारी संवर्ग की ज्येष्ठता सूची का मामला डेढ़ साल से शासन स्तर पर लंबित होने के कारण पूरे संवर्ग में पदोन्नति की प्रक्रिया अटकी हुई है। शासन ने तीन जून 2019 को सभी कार्यरत सहायक लेखा परीक्षा अधिकारियों को लेखा परीक्षा अधिकारी के पद पर वन टाइम प्रमोशन देने का निर्णय लिया था। लेकिन जनवरी 21 में लेखा परीक्षा अधिकारी के रिक्त 15 पदों के सापेक्ष 14 की ही पदोन्नति हुईं।
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इस पदोन्नति की प्रक्रिया में पदोन्नति के मूल आधार ज्येष्ठता सूची को ही दरकिनार कर दिया गया। इससे तीन अधिकारियों को वरिष्ठ होने के बावजूद पदोन्नति से वंचित कर दिया गया। चयन वर्ष 2021-22 में लेखा परीक्षा अधिकारी के चार पद रिक्त हैं। वन टाइम पदोन्नति के लाभ से वंचित भी चार ही बाकी हैं, जिन पर शासन को फैसला लेना है। लेखा परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि प्रमोशन के हालात बेहद बुरे हैं। उप निदेशक पद पर दो कर्मचारी 22 साल से सेवाएं दे रहे हैं। उनका आज तक प्रमोश नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि संयुक्त निदेशक का पद, उत्तराखंड स्थापना के बाद से आज तक खाली ही चल रहा है।

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किसके कितने पद, कितने खाली

पद नाम- स्वीकृत पद- कार्यरत- रिक्त पद
निदेशक- 01- 01- 00
अपर निदेशक- 02-00-02
संयुक्त निदेशक- 04-00-04
उप निदेशक - 06-02-04
लेखा परीक्षा अधिकारी- 28-24-04
सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी- 33-12-21
वरिष्ठ लेखा परीक्षक-40-02-38
लेखा परीक्षक- 60-08-52 

लेखा परीक्षा संघ की मांग, तत्काल हो पदोन्नति
वित्त विभाग के अधीन आने वाले लेखा परीक्षा (ऑडिट विभाग) में पदोन्नतियों को लेकर उत्तराखंड लेखा परीक्षा सेवा संघ लगातार मांग उठा रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय का कहना है कि सरकार ने भी 15 अगस्त की तिथि तय की थी लेकिन आज तक प्रमोशन नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उत्तराखंड अधिकारी कार्मिक शिक्षक महासंघ के साथ हुई बैठक में महासंघ ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के सामने सभी बिंदु रखे। उन्होंने कहा कि पदोन्नति के पद रिक्त होते हुए पिछले पांच साल में दर्जनों कर्मचारी बिना लाभ ही सेवानिवृत्त हो गए। 

अपर सचिव ने वित्त विभाग को भेजा पत्र
कार्मिक विभाग में अपर सचिव एसएस वल्दिया ने अपर सचिव वित्त विभाग को एक पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा है कि लेखा परीक्षा सेवा संघ की ओर से पांच सितंबर को भेजे गए पत्र पर जल्द ही बैठक बुलाई जाए।
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