उत्तराखंड में सरकार ने पेराई सत्र 2020-21 के लिए चीनी मिलों पर गन्ना खरीद के लिए मूल्य निर्धारित कर दिया है, लेकिन मूल्य में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। गत वर्ष की तरह किसानों को खरीदे गए गन्ने का भुगतान किया जाएगा। गन्ना एवं चीनी विकास विभाग ने गन्ना मूल्य तय करने का आदेश जारी किया है।
गन्ना किसानों को उम्मीद थी कि सरकार इस बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी करेगी। गन्ना एवं चीनी विकास विभाग ने गन्ना मूल्य में गति वर्ष की भांति रखा है। जिसमें चीनी मिल के गेट तक अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 327 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 317 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया।
इसके अलावा क्रय केंद्रों से गन्ने को चीनी मिलों तक पहुंचाने के लिए परिवहन करने पर 11 रुपये प्रति क्विंटल कटौती की जाएगी। प्रदेश के देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह जिले में सबसे ज्यादा गन्ना उत्पादन होता है।
उत्तराखंड चीनी विकास फेडरेशन के प्रबंध निदेशक एवं सचिव चंद्रेश यादव ने कहा कि पेराई सत्र के लिए गन्ना मूल्य तय करने के आदेश जारी किए गए हैं। गत वर्ष की तरह ही चीनी मिलों पर गन्ना क्रय करने का मूल्य तय किया गया है।
मिल ने सात दिन की एडवाइज गन्ना समिति को भेजी
इकबालपुरशुगर मिल ने वर्तमान पेराई सत्र का सात दिन का बकाया भुगतान भेजने के लिए 14 करोड़ की एडवाइज गन्ना समिति को भेजी है। मिल प्रबंधन ने कहा है किभुगतान शीघ्र ही बैंक खातों में पहुंच जाएगा। इकबालपुर शुगर मिल ने चालू पेराई सत्र का भुगतान 15 दिसंबर तक का कर रखा था।शनिवार को 16 दिसंबर से 22 दिसंबर तक का बकाया भुगतान भेजने के लिए मिलप्रबंधन ने चौदह करोड़ सोलह लाख की एडवाइज गन्ना समिति को भेजी है। मिल केमुख्य महाप्रबंधक सुरेश शर्मा ने बताया है कि किसानों सात दिन का भुगतानभेजने के लिए एडवाइज गन्ना समिति को भेज दी है। जिसका भुगतान शीघ्र हीकिसानों के खातों में पहुंच जाएगा। बाकी भुगतान चीनी की बिक्री कर शीघ्र ही कर दिया जाएगा।
ट्रेंच विधि से बुवाई पर बढ़ जाएगी गन्ने की पैदावार
लक्सर शुगर मिल के अधिकारियों ने किसानों को वसंत कालीन गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से करने और सीओ 0118 प्रजाति के गन्ने की अधिक से अधिक बुवाई करने के लिए जागरूक किया। साथ ही किसानों को लाल सड़न रोग से फसल के बचाव की जानकारी दी गई।लक्सर शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक पवन ढींगरा मिल कर्मचारियों के साथ तहसील क्षेत्र के किसानों को वसंत कालीन गन्ने की बुवाई के लिए लगातार जागरूक कर रहे हैं। खेतों में पहुंचकर ट्रेंच विधि से ही गन्ने की बुवाई करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को लक्सर के कंकरखाता गांव में किसान यशपाल के खेत में पहुंचकर को ट्रेंच विधि गन्ना बुवाई के लाभ बताए। इस विधि से गन्ने की पैदावार में 20-25 फीसदी की वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि लोकप्रिय गन्ना प्रजाति को. 0238 में लाल सड़न रोग दिखाई दे रहा है, जो खतरे की घंटी है। यह बीमारी कैंसर के समान है और एक बार इस रोग से ग्रसित होने के बाद गन्ना प्रजाति को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। किसान गन्ना बुवाई में ट्राइकोडरमा 10 किग्रा प्रति हेक्टेअर की दर से प्रयोग करें। इस मौके बिजेंद्र राठी, तीरथ सिंह, राहुल कुमार, राजेंद्र कुमार और वेदपाल सिंह आदि मौजूद रहे।