पुलिस ने जेल के ड्राइवर ललित मोहन भट्ट को भी गिरफ्तार किया है। उसके खाते में 10 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन मिला है। यह रुपया वह कलीम के लिए गैंग के अन्य सदस्यों से मंगवाता था। ललित मोहन भट्ट उपनल के माध्यम से जेल में भर्ती हुआ था। एसटीएफ उससे पूछताछ में लगी हुई है। अभी इस बात का भी पता किया जा रहा है कि यह पैसा किन किन लोगों ने भेजा था।
हरिद्वार में संत के हत्यारे ने भेजे थे बिहार से शूटर
बिहार से दोनों शूटर वहां के कुख्यात पप्पू उर्फ लंगड़ा ने भेजे थे। पप्पू उर्फ लंगड़ा ने हरिद्वार में 2006 में संत निवासाचार्य महाराज की हत्या की थी। उनके आश्रम में लूट भी की गई थी। पप्पू हरिद्वार जेल में बंद था, लेकिन वर्ष 2015 में उसे मोतिहारी बिहार जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। वर्तमान में वह जमानत पर है। कुछ दिन पहले उसने बहादराबाद के एक व्यापारी से धन वसूलने का प्रयास किया था। इसके बाद उसके खिलाफ बहादराबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
और सदस्यों की भी हो सकती है गिरफ्तारी
कलीम गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बड़े अपराधों को अंजाम दे चुका है। उसके सदस्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर छिपे हो सकते हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने छह टीमों का गठन किया है। इन टीमों को दबिश के लिए रवाना कर दिया गया है।