अतिरिक्त संसाधन जुटाने की करेगा सिफारिश
कोई अन्य मामला, जिसे राज्यपाल त्रिस्तरीय पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के सुदृढ़ वित्त के हित में हो सकते हैं। शहरी, अर्ध-शहरी क्षेत्रों और जनगणना कस्बों में बुनियादी ढांचे की स्थिति का आकलन, उनमें कमियों की पहचान, उनमें सुधार व वृद्धि के लिए उपाय सुझाएगा।
पीआरआई और शहरी स्थानीय निकायों में सुधारों के कार्यान्वयन की स्थिति का आकलन करना और शासन और कार्यान्वयन में सुधार के लिए उपाय बताएगा। अपनी सिफारिश करते समय राज्य वित्त आयोग राज्य सरकार के राजस्व संसाधन और उन पर मांग, विशेष रूप से नागरिक प्रशासन, ऋण सेवा और अन्य प्रतिबद्ध व्यय या देनदारियों पर व्यय के कारण भी जानेगा। आगामी वर्षों के लिए संसाधन जुटाने की क्षमता तथा इस दिशा में किए गए कर प्रयासों के साथ-साथ अतिरिक्त संसाधन जुटाने की सिफारिश करेगा।
सत्रहवें वित्त आयोग के लिए मुद्दों की पहचान भी करेगा
आयोग 31 मार्च, 2025 तक सभी स्तरों पर पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों की ऋण स्थिति का आकलन कर सकता है और राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे सुधारात्मक उपाय सुझा सकता है। आयोग राजस्व और पूंजी दोनों पक्षों पर व्यय के लिए निधियों की व्यवस्था के संबंध में विशिष्ट अनुशंसा करेगा। सत्रहवें वित्त आयोग के लिए मुद्दों की पहचान भी करेगा।
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आयोग के ये अधिकार होंगे
आयोग किसी भी अधिकारी या प्राधिकरण से कोई भी सूचना या दस्तावेज मांग सकता है। यह किसी भी व्यक्ति को साक्ष्य के लिए या दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बुला सकता है। आयोग अपनी प्रक्रिया स्वयं निर्धारित करेगा।