उत्तराखंड के छह राज्य मार्गों को भारत माला फेज-2 में शामिल किया जाएगा। इसके बाद इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच में शामिल करने की कार्यवाही की जाएगी। ऋषिकेश-भानियावाला मोटर मार्ग को भी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने पर सहमति बनी।
सोमवार को प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुई मुलाकात के दौरान इस पर सहमति बनी। गडकरी से उनके आवास पर मुलाकात के दौरान महाराज ने प्रदेश के विभिन्न राज्य मार्गों को उच्चीकृत कर राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने को लेकर दिए गए प्रस्तावों पर चर्चा की।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में छह राज्य मार्गों खैरना-रानीखेत, बुआखाल-देवप्रयाग, देवप्रयाग-गजा-खाड़ी, पाण्डुखाल-नागचुलाखाल-रीखाल-बैजरो, बिहारीगढ़-रोशनाबाद, लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-नैनीडांडा-मोहन-रानीखेत को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किए जाने का प्रस्ताव केंद्र में लंबित है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने गडकरी ने सहमति जाहिर करते हुए कहा कि इन सड़कों को पहले भारत माला फेज-2 में लिया जाएगा, इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा केंद्र की ओर से नए अधिसूचित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-109 के सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण के लिए उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग को निर्माण एजेंसी के रूप में नामित किए जाने के प्रस्ताव पर भी सहमति दी।
डंपिंग जोन के लिए साथ बैठें लोनिवि और वन विभाग
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने चारधाम सड़क परियोजना के अंतर्गत निर्मित डंपिंग जोनों को विकसित किए जाने के लिए एनओसी जारी करने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया है कि वह राज्य के वन अधिकारियों के साथ बैठक करें। सहमति के साथ प्रस्ताव मंत्रालय को भेजें, ताकि मंत्रालय की ओर से इस पर आगे की कार्यवाही की जा सके।
ऋषिकेश-भानियावाला मोटर मार्ग बनेगा एनएच
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री महाराज ने राज्य के विश्व प्रसिद्ध चारधाम (बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) तक जाने वाले ऋषिकेश-भानियावाला मोटर मार्ग को महत्वपूर्ण बताते हुए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने की भी बात कही। गडकरी ने इस प्रस्ताव पर भी अपनी सहमति दी है।