गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया था सिद्धू को
मुकदमा दर्ज होने के बाद पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। उन्हें गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया था। हालांकि, इससे पहले उन्होंने एफआईआर को खत्म करने की गुहार भी लगाई थी। मगर, कोर्ट ने उनकी मांग को ठुकरा दिया था। अब एसआईटी गठित होने के बाद फिर से बीएस सिद्धू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। देखने वाली बात यह होगी कि एसआईटी इस मामले की तह तक जाती है या फिर पूर्व के विवेचना अधिकारियों की तरह ही समय बिताएगी।
दूसरी एजेंसी से जांच कराने की ठुकराई थी मांग
इस मामले की जांच तत्कालीन सीओ मसूरी को सौंपी गई थी। उन्होंने पूछताछ के लिए कई नोटिस भी जारी किए थे लेकिन कोई आरोपी पूछताछ के लिए नहीं गया था। ऐसे में सीओ ने पुलिस मुख्यालय और शासन को लिखा था कि इस मामले की जांच किसी अन्य एजेंसी से कराई जाए। लेकिन, मुख्यालय और शासन दोनों ने ही इसके औचित्य पर सवाल उठाते हुए पुलिस की मांग खारिज कर दी थी।